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आप समझ रहे कोयले की कमी से जा रही आपके घर की बिजली... नहीं, पावर कट की असली वजह कुछ और है

गर्मी समय से पहले शुरू होने से देश में बिजली की मांग बढ़ गई है। 26 अप्रैल को बिजली की मांग बढ़कर 201 गीगावाट्स पहुंच गई। बिजली की मांग कभी पहले इस लेवल पर नहीं पहुंची थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 27, 2022 पर 6:16 PM
आप समझ रहे कोयले की कमी से जा रही आपके घर की बिजली... नहीं, पावर कट की असली वजह कुछ और है
सरकार का अनुमान है कि मई-जून में बिजली की मांग बढ़कर 215-220 गीगावाट्स पहुंच जाएगी।

किसी चीज को सेल (Sell) करने का मतलब उसके बदले पैसा पाना है। यह लेनदेन तय समय में पूरा होना जरूरी है। किसी बिजनेस के चलते रहने के लिए यह जरूरी है। लेकिन, इंडिया के पावर सेक्टर (Power Sector) की कहानी कुछ अलग है। कंपनियां बेच तो रही हैं, लेकिन उन्हें पैसा समय पर नहीं मिल रहा है। इस वजह से बकाया अमाउंट आसमान में पहुंच गया है।

कोल इंडिया (Coal India) का पावर जेनरेशन कंपनियों पर करीब 12,300 करोड़ रुपये बकाया है। इसके बावजूद वह बिजली कंपनियों को कोयला बेच रही है। बिजली बनाने वाली कंपनियों का पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों (Power Distribution Companies) पर 1.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। इसके बावजदू वे उन्हें बिजली बेच रही हैं।

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डिस्ट्रिब्यूशंस कंपनियों का लॉस बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इसके बावजूद वे कंज्यूमर्स को बिजली बेच रही हैं। टैरिफ बढ़ाने के लिए उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उधर, 'फ्री पावर' अब भी पॉलिटिकल टूल बना हुआ है।

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