क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले ही टैरिफ लगाने का ऐलान कर देंगे डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ओवल ऑफिस से कहा था कि वह 12 तारीख या 13 तारीख की सुबह टैरिफ बढ़ाने के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर देंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लिविट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ट्रंप की मोदी से मुलाकात से पहले एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर हो जाने की उम्मीद है

अपडेटेड Feb 13, 2025 पर 12:58 PM
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ट्रंप की आक्रामक टैरिफ पॉलिसी का मकसद अमेरिकी इंडस्ट्री को फायदा पहुंचाना है। लेकिन, इससे कई देशों के साथ अमेरिका के रिश्ते खराब हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज यानी 13 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका पहुंच चुके हैं। यह मुलाकात वाशिंगटन डीसी में होगी। भारतीय समय के मुताबिक यह मुलाकात आज देर रात होगी। सवाल है कि क्या ट्रंप इस मुलाकात से पहले ही 'रेसिप्रोकल टैरिफ' का ऐलान कर देंगे? रेसिप्रोकल टैरिफ का मतलब है कि अमेरिका उस देश पर उतना ही टैरिफ लगाएगा, जितना उस देश ने अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर लगाया है।

दुनिया में व्यापार युद्ध बढ़ने का खतरा

न्यूज एजेंसी AFP ने बताया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दोबारा दूसरे देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की बात कही है। इसका मतलब है कि दुनिया में व्यापार युद्ध बढ़ने जा रहा है। ट्रंप ने 12 फरवरी को कहा कि वह एक दिन के अंदर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर कर देंगे। इसका मतलब है कि मोदी से मुलाकात से पहले रेसिप्रोकल टैरिफ के आदेश पर ट्रंप हस्ताक्षर कर देंगे। अगर ऐसा होता है तो यह इंडिया के लिए बड़ा झटका होगा।


ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान टैरिफ बढ़ाने का वादा किया था

द हिंदू की खबर के मुताबिक, व्हाइट हाउस को मोदी के साथ ट्रंप की बातचीत से पहले ही रेसिप्रोकल टैरिफ के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर हो जाएगा। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि टैरिफ के मामले में वह जैसे को तैसा की पॉलिसी अपनाएंगे। इसका मतलब है कि अमेरिका उस देश के प्रोडक्ट्स पर उतना ही टैरिफ लगाएगा, जितना वह देश अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर लगाता है। अमेरिका की इस पॉलिसी के जद में इंडिया भी आएगा।

पीएम मोदी से बातचीत से पहले हो सकता है टैरिफ का ऐलान

ट्रंप ने अपने ओवल ऑफिस से कहा था कि वह 12 तारीख या 13 तारीख की सुबह टैरिफ बढ़ाने के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर देंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लिविट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ट्रंप की मोदी से मुलाकात से पहले एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर हो जाने की उम्मीद है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ट्रंप कई देशों के इंपोर्ट पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं।

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इंडिया सहित कई देशों से रिश्ते पर पड़ सकता है असर

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने 12 फरवरी को बताया कि ट्रंप सरकार ने स्टील और एल्युमीनियम के इंपोर्ट पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का प्लान बनाया है। यह कनाडा और मैक्सिको पर पहले लगाए गए टैरिफ के अतिरिक्त होगा। ट्रंप की आक्रामक टैरिफ पॉलिसी का मकसद अमेरिकी इंडस्ट्री को फायदा पहुंचाना है। लेकिन, इससे कई देशों के साथ अमेरिका के रिश्ते खराब हो सकते हैं। इनमें इंडिया भी शामिल है। ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दोस्त माना जाता है। ऐसे में अगर ट्रंप सरकार पीएम मोदी से ट्रंप की मुलाकात से पहले रेसिप्रोकल टैरिफ बढ़ाने का ऐलान करती है तो यह इंडिया के लिए बड़ा झटका होगा।

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