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वित्तमंत्री जी! दिल बहलाने का अब वक्त नहीं, कारोबारियों और उपभोक्ताओं का विश्वास डावांडोल है!

ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के इंडेक्स पर भारत चाहे जितनी ऊंची छलांग लगा रहा हो, बिजनेस कान्फिडेन्स के इंडेक्स पर अभी वह गोते खा रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2021 पर 3:23 PM
वित्तमंत्री जी! दिल बहलाने का अब वक्त नहीं, कारोबारियों और उपभोक्ताओं का विश्वास डावांडोल है!

चंदन श्रीवास्तव

"अद्भुत भारत" का अर्थ समझना हो तो आपको भारत की राजनीति पर गौर करना चाहिए। यहां आपको कठिन  कोरोना-काल में स्वास्थ्य-मंत्री अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लक्षण समझाते और वित्तमंत्री भारतीय संस्कृति में पान का महत्व बताते मिल जायेंगे !

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बीते बुधवार को ट्वीट किया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अपने 2020 के रिपोर्ट में विश्वबैंक ने भारत को लगातार तीसरी बार टॉप के 10 इम्प्रूवर में जगह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने ट्वीट में ये भी गिनवाया कि ईज ऑव डूइंग बिजनेस के लिए कितने श्रम-कानूनों को सरल और सीधा बनाया गया है।

स्वास्थ्य-मंत्री के इस ट्वीट के दो दिन बाद वित्तमंत्री ने भंडारकर ओरियंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक पोस्ट को री-ट्वीट करने का समय निकाला। इस पोस्ट में लिखा था कि पान (तांबूल) खास भारतीय परंपरा की चीज है। इसका सबसे पुराना उल्लेख 473 ईस्वी के शिलालेख में मिलता है। प्रोफेसर पी. के गोडे ने स्टडीज इन इंडियन कल्चरल हिस्ट्री के पहले खंड में इसके बारे में लिखा है ।

आप चाहें तो इस स्थिति पर हैरान हो लें क्योंकि जिस दिन (2 जून) देश में कोविड-19 से मरने वालों की तादाद 2897 थी और कोविड-19 के नये संक्रमितों की संख्या सवा लाख(1,33,953) के पार पहुंच रही थी, उस दिन केंद्रीय स्वास्थ्य-मंत्री अपने ट्वीट में ईज ऑव डूइंग बिजनेस के मामले में हुई तरक्की पर ध्यान दिला रहे थे। 

और, वित्तमंत्री जब पान की पौराणिकता के तथ्य री-ट्वीट कर रही थीं तो ये खबर आ चुकी थी ककि देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक ने इस साल की वृद्धि-दर का अनुमान 10.4 प्रतिशत से घटाकर 7.9 प्रतिशत कर दिया है। मतलब, पिछले साल की गिरावट (7.3 प्रतिशत) को ध्यान रखें तो इस साल आर्थिक वृद्धि के खाते में हासिल के नाम पर हमारे हाथ शून्य लगने वाला है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बनाम व्यापार-जगत का भरोसा

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