अगस्त महीने में महंगाई के मोर्चे पर सरकार को फिर से झटका लगा है। अगस्त में सीपीआई यानी कि खुदरा महंगाई 7 प्रतिशत पर रही है। जबकि जुलाई महीने में ये 6.71 प्रतिशत पर रही थी। इतना ही नहीं अगस्त में खुदरा महंगाई दर अनुमान से ज्यादा रही है। अगस्त में खुदरा महंगाई के 6.84 प्रतिशत रहने का अनुमान किया गया था।
अगस्त में खाने-पीने की चीजों की खुदरा महंगाई दर जुलाई के 6.69 प्रतिशत से बढ़कर 7.62 प्रतिशत पर आ गई है। अगस्त में देश की शहरी खुदरा महंगाई दर महीने-दर-महीने आधार पर 6.49 प्रतिशत से बढ़कर 6.72 प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह इस अवधि में ग्रामीण खुदरा महंगाई दर जुलाई के 6.80 प्रतिशत से बढ़कर 7.15 प्रतिशत पर आ गई है। अगस्त में सीपीआई कोर महंगाई जुलाई के 5.8 प्रतिशत से बढ़कर 5.9 प्रतिशत पर आ गई है।
महीने दर महीने आधार पर अगस्त में सब्जियों की खुदरा महंगाई 10.90 प्रतिशत से बढ़कर 13.23 प्रतिशत पर आ गई है। जबकि फ्यूल और पावर की खुदरा महंगाई 11.76 प्रतिशत से घटकर 10.78 प्रतिशत पर रही है। अगस्त महीने में दालों की खुदरा महंगाई जुलाई के 0.18 प्रतिशत से बढ़कर 2.52 प्रतिशत पर आ गई है। जबकि कपड़ा, जूता, चप्पल की महंगाई जुलाई महीने के 9.52 प्रतिशत से बढ़कर 9.91 प्रतिशत पर आ गई है। जबकि हाउसिंग की खुदरा महंगाई दर जुलाई के 3.90 प्रतिशत से बढ़कर 4.06 प्रतिशत पर पहुंच गई है।