August manufacturing PMI : 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में अगस्त में भी विस्तार जारी रहा। अगस्त में एसएंडपी ग्लोबल परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) तीन महीने के उच्चतम स्तर 58.6 पर पहुंच गया है। बता दें कि जुलाई में देश का PMI 57.7 के स्तर पर रहा था। अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों का ये मानक लगातार 26वें महीने 50 के स्तर से ऊपर रहा है। ये लेवल मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में विस्तार को संकुचन की विभाजन रेखा होती है। यानी मैन्युफैक्चरिंग PMI की 50 से ऊपर की रीडिंग मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में विस्तार का संकेत देती है। जबकि 50 से नीचे की रीडिंग मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में संकुचन का संकेत होती है।
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के इकोनॉमिक एसोसिएट डायरेक्टर पोलियाना डी लीमा (Pollyanna De Lima) ने कहा "भारत के अगस्त पीएमआई आंकड़ों ने देश मैं मजूबत उत्पाद गतिविधियों की एक जीवंत तस्वीर पेश की है। नए ऑर्डरों की मात्रा और उत्पादन में मजबूत और तेज बढ़त से पता चलता है कि देश का मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर दूसरी तिमाही में देश के आर्थिक विकास में एक मजबूत योगदान देने के लिए तैयार है।"
अगस्त के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े अप्रैल-जून जीडीपी डेटा जारी होने के एक दिन बाद ही आए हैं। कल आए देश के जीडीपी आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की चार-तिमाही के दर पर बढ़ी है। ये आंकड़े मोटे तौर पर उम्मीदों के अनुरूप रहे है। हालांकि, इन आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल-जून की अवधि में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मात्र 4.7 फीसदी की बढ़त हुई है। जिससे समग्र विकास में गिरावट आई है।
जीडीपी डेटा जारी होने के बाद प्रेस से हुई बातचीत में मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रदर्शन में कमजोरी की किसी भी आशंका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हाई फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर जैसे कि पीएमआई से यह संकेत नहीं मिलता कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कोई कमजोरी है।
वहीं, आज जारी अगस्त के मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े बताते हैं कि अगस्त में, नए ऑर्डर और लगभग तीन सालों में सबसे तेज दर से उत्पादन बढ़ने के कारण मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में बढ़त हुई है। निर्यात ऑर्डरों में बढ़त से भी मदद मिली। अगस्त में निर्यात ऑर्डर लगातार 17वें महीने बढ़ते दिखे हैं। इसके साथ ही नवंबर के बाद इसमें सबसे बड़ी बढ़त देखने को मिली है।