इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ इस वित्त वर्ष में 6.5-7 फीसदी रह सकती है। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (सीईओ) अनंत नागेश्वरन ने 12 दिसंबर को यह अनुमान जताया। FY25 की दूसरी तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ में तेज गिरावट दिखी। यह सिर्फ 5.4 फीसदी रही। इससे इस वित्त वर्ष में इकोनॉमी ग्रोथ घटने के कयास लगाए जा रहे हैं। सीईए का मानना है कि जीडीपी ग्रोथ में गिरावट कुछ अस्थायी वजहों से आई होगी या यह कुछ बड़ी प्रॉब्लम का भी संकेत हो सकता है।
इंडियन इकोनॉमी तेज ग्रोथ के रास्ते पर
CEA Anantha Nageswaran ने कहा, "इंडियन इकोनॉमी तेज (Economic Growth) ग्रोथ के रास्ते पर है। लेकिन, वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से कुछ चैलेंज सामने आ सकता है। आने वाले सालों में इनका ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।" उन्होंने ग्लोबल इकोनॉमिक पॉलिसी फोरम 2024 में अपने भाषण में ये बातें कहीं। इस प्रोग्राम का आयोजन मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस और उद्योग चैंबर CII की तरफ से किया गया था।
सीईओ का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए हमें दोगुनी कोशिश करनी पड़ेगी। उन्होंने इनोवेशन, वेज में वृद्धि और ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों की क्वालिटी पर फोकस रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमें 'मेड इन इंडिया' को आरएंडडी और क्वालिटी का पर्याय बनाना होगा। ग्रोथ के बगैर हमारे पास क्लाइमेट चेंज मैनेजमेंट में निवेश करने के लिए पैसे नहीं होंगे।"
प्राइवेट सेक्टर को निवेश बढ़ाना होगा
उन्होंने यूरोप में रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें एनर्जी ट्रांजिशन में कई चीजों का ध्यान रखना होगा ताकि सस्टेनबिलिटी के लिए इकोनॉमी ग्रोथ की कुर्बानी नहीं देनी पड़े। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में जीडीपी में कैपिटल फॉर्मेशन की हिस्सेदारी बढ़कर 35 फीसदी पहुंच जाने की उम्मीद है। प्राइवेट सेक्टर निवेश बढ़ा रहा है। इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्राइवेट सेक्टर का इनवेस्टमेंट काफी जरूरी है।
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हर साल 80 लाख रोजगार के मौके पैदा करने होंगे
नागेश्वरन ने कहा कि बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए अगले 10-12 साल में सालाना 80 लाख रोजगार के मौके पैदा करने होंगे। उन्होंने कहा कि MSME को ग्रोथ की चिंता किए बगैर अपने आकार को बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए। माइक्रो को स्मॉल, स्मॉल को मीडियम और मीडियम को बड़ा एंटरप्राइजेज बनने की कोशिश करनी पड़ेगी। उन्होंने एमएसएमई से जुड़ी पुरानी पॉलिसी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमारी पॉलिसी की वजह से एमएसएमई का फोकस ग्रोथ की जगह दूसरी चीजों पर रहा है। हमें इस डर को दूर करना होगा। एमएसएमई को बढ़ने का मौका देना होगा।