इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) रिकवरी के रास्ते पर है। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) वी अनंत नागेश्वरन (V Anant Nageswaran) ने यह बात कही है। उन्होंने कहा है कि जियोपॉलिटिकल चैलेंजेज की वजह से विदेशी निवेशक सावधानी बरत सकते हैं। उन्होंने सोमवार को एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं। नागेश्वरन क्रेडिट सुइस एजी और जूलियस बेयर ग्रुप में उच्च पदों पर रह चुके हैं।
CEA ने कहा कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सहित सभी सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा है। उन्होंने कहा, "इंडियन इकोनॉमी में मजबूती दिख रही है। यह रिकवरी के रास्ते पर है। प्राइवेट डिमांड और सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर है। प्राइवेट कैपिटल फॉर्मेशन हो रहा है, जबकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह जारी है।"
इंडियन इकोनॉमी की चुनौतियों के बारे में उन्होंने कहा कि कुछ चैलेंजेज हैं और जियोपॉलिटिकल स्थितियां बदल रही हैं, जिसके चलते विदेशी निवेशक सावधानी बरत सकते हैं। इंडियन बैंकिंग सिस्टम के बारे में उन्होंने कहा कि हमारे बैंकिंग सिस्टम के पास पर्याप्त पूंजी है। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) ने बैंकिंग सिस्टम की सेहत सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। 208 की फाइनेंशियल क्राइसिस की वजह से बैंकिंग सिस्टम में NPA बढ़ गया था।
नागेश्वरन ने कहा कि इंडिया में इनफ्लेशन रेट 7 फीसदी है। हम इसे लेकर परेशान हैं। इससे यह पता चलता है कि अब हम ज्यादा इनफ्लेशन को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी कैपिटल ग्रोथ के लिए कैपिटल फॉर्मेशन हो रहा है।
ग्लोबल इकोनॉमी के सामने आज कई तरह की चुनौतियां हैं। इसके बावजूद इंडियन इकोनॉमी में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। सरकार की तरफ से ग्रोथ की रफ्तार को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए इंडिया को बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में पेश कर रही है। चीन की इकोनॉमी में सुस्ती और कोरोना पर चीन सरकार के ज्यादा फोकस को देखते हुए विदेशी कंपनियां चीन का विकल्प तलाश रही हैं।