सोशल मीडिया पर रतन टाटा (Ratan Tata) के एक वीडियो की खूब चर्चा हो रही है। इस वीडियो में टाटा समूह के मानद चेयरमैन (Chairman Emeritus) ने बताया है कि किस काम को करने से उन्हें सबसे ज्यादा आनंद मिलता है। टाटा संस (Tata Sons) के पूर्व चेयरमैन उद्योग जगत की ऐसी हस्ती हैं, जिनकी बातों को लोग बहुत ध्यान से सुनते हैं। इसकी वजह यह है कि उनकी बातें बहुत प्रेरक होती हैं। यह व्यक्ति को जिंदगी में हार नहीं मानने और हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं।
Ratan Tata के इस वीडियो को मशूहर उद्योगपति और RPG Enterprises के चेयरमैन हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) ने पोस्ट किया है। इसमें रतन टाटा ने अपनी जिंदगी से जुड़ी एक बड़ी बात बताई है। उन्होंने कहा है, "मुझे सबसे ज्यादा आनंद उस काम को करने में आता है, जिसके बारे में हर आदमी यह महसूस करता है कि इसे करना मुमकिन नहीं है।"
इस वीडियो में टाटा ने जो बात कही है, उसने लाखों यूजर्स का दिल जीत लिया है। यूजर्स ने ट्विटर पर इस वीडियो के बारे में अलग-अलग तरह के प्रतिक्रिया दी हैं। कुछ यूजर्स ने उन्हें 'लीजेंड' कहा है। एक यूजर ने 1,00,000 रुपये में कार बनाने की टाटा की जिद के बारे में बताया है। जब टाटा ने अपनी यह इच्छा ऑटोमोबाइल इंजीनियर्स को बताई तो ज्यादातर ने कहा कि यह मुमकिन नहीं है। लेकिन, टाटा ने अपने सपने को हकीकत में बदला। उन्होंने उन लोगों को गलत साबित किया, जो यह मान रहे थे कि एक लाख रुपये की कीमत में कार नहीं बनाई जा सकती।
एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि टाटा ऐसी चीजों के बारे में सोच लेते हैं, जिसके बारे में एक आदमी नहीं सोच सकता। धरती पर इस तरह का व्यक्ति एक सुपर पावर जैसा है। सिर्फ उन्हें पता है कि नैतिकता के जिस उच्च मादंड का वह पालन करते हैं, उसके लिए उन्हें कितनी कीमत चुकानी पड़ी होगी। ईश्वर हमेशा उनके साथ रहें।
एक यूजर ने लिखा है कि टाटा जैसा उत्साह हर व्यक्ति में होना चाहिए। आम तौर पर हम शुरुआत में ही यह सोच लेते हैं कि 'ऐसा करना मुमकिन नहीं है।' टाटा ने यह दिखाया है कि हम कुछ भी कर सकते हैं। इसके लिए हमें अपने सोचने का तरीका बदलना होगा।
दरअसल, टाटा की बातें देश और दुनिया के करोड़ों लोगों को इसलिए प्रेरित करती हैं कि उन्हें बतौर टाटा संस के चेयरमैन ऐसी उपलब्धियां हासिल कीं, जो हमेशा वतर्मान और आने वाली उद्योगपतियों की पीढियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके नेतृत्व में टाटा समूह का व्यापक विस्तार हुआ। टाटा समूह ने दुनिया की कई बड़ी कंपनियों और ब्रांड्स के अधिग्रहण किए। टाटा ब्रांड इंडिया से बाहर निकलकर दुनिया के कई देशों में आम लोगों के दिल तक पहुंचा।