रोजगार के अवसर बढ़ाने और इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक इलेक्ट्रोनिक सिटी बनाने का एलान किया है। जिसमें 80,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने यह एलान वित्त वर्ष 2022-23 के लिए दिल्ली का बजट पेश करते हुए किया।
यह इलेक्ट्रोनिक सिटी बापरौला में स्थापित किया जाएगा। बापरोला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में नजफगढ़ के बाहरी इलाके में एक जनगणना शहर और गांव है। यह दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास स्थित है और दिल्ली में सोलंकी कबीले के 12 गांवों में से एक है।
उन्होंने कहा, ‘हमारा रोजगार सृजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसाने का इरादा है। हम दिल्ली में आधार खड़ा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 90 एकड़ में विनिर्माण केंद्र भी बनाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास से छह लाख नए रोजगार भी पैदा होंगे।’सिसोदिया ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 75,800 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट वर्ष 2021-22 के 69,000 करोड़ रुपये के बजट से 9.86 प्रतिशत अधिक है।
सरकार ने दिया 'रोजगार बजट' का नाम
सिसोदिया ने इसे ‘रोजगार बजट’ की संज्ञा देते हुए कहा कि इससे दिल्ली में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार का लगातार आठवां बजट है।
मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था कोविड से थोड़ा थोड़ा उभर रही है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का बड़ा योगदान है। दिल्ली के लोगों की औसत आय में 16.8% की बढ़ोतरी हुई। बजट में वित्तमंत्री ने ऐलान किया कि 2022-23 के लिए 75,800 करोड रुपए का बजट पेश कर रहा हूं, जो कि 2014-15 के 30,940 करोड़ रुपए के बजट का ढाई गुना है। दिल्ली के डिप्टी सीएम और वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों से बजट भाषण को समाप्त किया।