CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में 14 जून तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Direct Tax Collection) 2.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो कि सालाना 1.86 लाख करोड़ रुपये था। इसमें इनकम टैक्स (Income Tax) और कॉर्पोरेट टैक्स (corporate tax) भी शामिल हैं। इंफ्लेशन से जुड़ी चिंताओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण सामने आईं समस्याओं के बावजूद, इससे निरंतर आर्थिक सुधारों की एक और उम्मीद जगी है।
1 अप्रैल से 14 जून तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में एक साल पहले की तुलना में लगभग 53.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शुरुआती रुझानों से संकेत मिलता है कि पहली तिमाही में कॉरपोरेट टैक्स और पर्सनल इनकम टैक्स के एडवांस कलेक्शन में पिछले साल की तुलना में अच्छा इजाफा देखा गया है।
सरकार को उम्मीद है कि पहली तिमाही में एडवांस्ड टैक्स कलेक्शन पिछले साल की तुलना में लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ेगा।
इनकम के प्राइमरी सोर्स के रूप में सैलरी वाले व्यक्ति के लिए एडवांस टैक्स लायबिलिटी हो सकती है, लेकिन दूसरे स्रोतों से कमाई भी हो सकती है, जैसे जमा पर ब्याज, किराये से होने वाली इनकम और कैपिटल गेन आदि।
एडवांस टैक्स का भुगतान तब किया जाता है, जब पैसा वित्तीय वर्ष के आखिर के बजाय चार किश्तों में अर्जित किया जाता है। इसे आर्थिक सेंटीमेंट का बैरोमीटर माना जाता है।
पहली किस्त, सालाना टैक्स के 15% के बराबर, 15 जून तक। दूसरी किस्त 15 सितंबर (30%), तीसरी 15 दिसंबर (30%) और बाकी 15 मार्च तक भरनी होती है।
हर एक साल एडवांस टैक्स की पहली किस्त के भुगतान की आखिरी तारीख 15 जून है। समय सीमा आज आधी रात को खत्म हो रही है।