कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में होने वाली ग्रुप ऑफ मिनिस्टर (GoM) की जीएसटी काउंसिल के साथ मीटिंग 17 जून को हो सकती है। बीते साल जीएसटी काउंसिल ने मंत्रियों का एक ग्रुप बनाया था जिसका काम जीएसटी काउंसिल को टैक्स रेट को लेकर सलाह देना था। CNBC-TV18 के मुताबिक इस मीटिंग में मौजूदा 5 फीसदी की दर आठ फीसदी और 18 फीसदी से 20 फीसदी तक करने पर चर्चा हो सकती है।
टैक्स छूट वाले प्रोडक्ट की संख्या हो सकती है कम
GoM को अलगी जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए समय दिया गया था। जीएसटी काउंसिल टैक्स छूट वाले प्रोडक्ट की लिस्ट को भी कम कर सकता है। सूत्रों ने कहा कि राज्य के मंत्रियों का पैनल टेक्सटाइल में इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को ठीक करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा कर सकता है। इन्वर्टेड ड्यूटी के तहत खरीदे गए इनपुट पर टैक्स का रेट तैयार माल पर दिये टैक्स की तुलना में अधिक होता है।
GoM के सदस्य राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गोवा और केरल शामिल हैं। इस पैनल को बीते साल सितंबर में बनाया गया था। ये आखिरी बार नवंबर 2021 में मिले थे। एक बार अंतिम रूप देने के बाद GoM की सिफारिशों को अंतिम निर्णय के लिए अगली बैठक में परिषद के सामने रखा जाएगा। जीएसटी काउंसिल जीएसटी को लेकर सभी निर्णय लेती है।
जीएसटी काउंसिल ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और रेस कोर्स पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की रिपोर्ट पर भी विचार कर सकती है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले जीओएम के बीच इन सेवाओं पर सर्वसम्मति से 28 फीसदी टैक्स की सहमति है। अभी देश में 5, 18 और 28 फीसदी की दर से जीएसटी टैक्स लगता है। इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। मीटिंग में मौजूदा 5 फीसदी की दर आठ फीसदी और 18 फीसदी से 20 फीसदी तक करने पर चर्चा हो सकती है।