श्रमिकों को राहत, असंगठित क्षेत्र के लिए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का ऐलान

केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से मैन्युफैक्चरिंग, खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई से निपटने में मजदूरों की मदद करेगी। औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 2.40 अंकों की बढ़ोतरी हुई है

अपडेटेड Sep 26, 2024 पर 10:37 PM
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इससे पहले अप्रैल 2024 में मजदूरी दरों में आखिरी बार बदलाव किया गया था।

केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से मैन्युफैक्चरिंग, खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई से निपटने में मजदूरों की मदद करेगी। औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 2.40 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। संशोधन के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 783 रुपये प्रतिदिन (20,358 रुपये प्रति महीना) होगी।

अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए यह 868 रुपये प्रतिदिन (22,568 रुपये प्रति महीना) की गई है। कुशल श्रमिकों, क्लर्क और बिना हथियार वाले चौकीदारों के लिए यह 954 रुपये रोजाना (24,804 रुपये प्रति महीना) होगी। उच्च कुशल और हथियारों से लैस चौकीदारों के लिए यह 1,035 रुपये प्रतिदिन (26,910 रुपये प्रति महीना) होगी। मजदूरी में यह संशोधन साल में दो बार किया जाता है। यह संशोधन औद्योगिक श्रमिकों के लिए CPI में छह महीने की औसत बढ़ोतरी पर आधारित होता है।

मजदूरी की नई दरें 1 अक्टूबर 2024 से लागू होंगी। इससे पहले अप्रैल 2024 में मजदूरी दरो में आखिरी बार बदलाव किया गया था। मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी उनके कौशल स्तर और भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर तय की गई है। कौशल स्तर के हिसाब से मजदूरों को अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल कैटगरी में बांटा गया है, जबकि भौगोलिक क्षेत्रों को A, B और C कैटेगरी में बांटा गया है।


इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, उनकी आय बढ़ेगी और इस तरह महंगाई की चुनौती से निपटने में उन्हें राहत मिलेगी। केंद्र सरकार हर साल 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को वीडीए में संशोधन करती है, जो औद्योगिक मजदूरों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 6 महीने की औसत बढ़ोतरी के आधार पर होता है।

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