भारत का गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) कलेक्शन अगस्त महीने में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़ गया है। इस दौरान सरकार ने 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। पिछले साल की समान अवधि में सरकार का जीएसटी कलेक्शन 1.59 लाख करोड़ रुपये रहा था। हालांकि, पिछले महीने की तुलना में कलेक्शन में गिरावट आई है। जुलाई 2024 में सरकार के खजाने में जीएसटी के रूप में 1.82 लाख करोड़ रुपये आए थे। भारत सरकार ने आज 1 सितंबर को ये आंकड़े जारी किए हैं।
वर्ष के पहले पांच महीनों में जीएसटी कलेक्शन 10.1 फीसदी बढ़कर 9.14 लाख करोड़ रुपये रहा। डोमेस्टिक रेवेन्यू 9.2 फीसदी बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि इंपोर्ट रेवेन्यू पिछले वर्ष के आंकड़ों की तुलना में इस महीने 12.1 फीसदी बढ़कर 49,976 करोड़ रुपये रहा।
अगस्त महीने में 24,460 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो सालाना आधार पर 38 फीसदी अधिक है। रिफंड के एडजस्टमेंट के बाद नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.11 लाख करोड़ रुपये पर केवल 4.9 फीसदी अधिक रहा, जबकि IGST रेवेन्यू 11.2 फीसदी अधिक रहा। रिफंड एडजस्टमेंट के बाद शुद्ध जीएसटी रेवेन्यू पिछले महीने में 6.5 फीसदी बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये रहा।
पिछले महीने नेट डोमेस्टिक रेवेन्यू 14.4 फीसदी बढ़कर 1.66 लाख करोड़ रुपये रहा। कुल रिफंड राशि 24,460 करोड़ रुपये रही, जिसमें से 58 फीसदी घरेलू रिफंड थे, जबकि पहले एक्सपोर्टर रिफंड थे। अगस्त तक नेट जीएसटी रेवेन्यू 8.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 10.2 प्रतिशत अधिक है।
मनीकंट्रोल के एनालिसिस के अनुसार जीएसटी काउंसिल की बैठक 9 सितंबर को होने की उम्मीद है, जिसमें जीवन बीमा पर जीएसटी के बारे में निर्णय लिए जाने की संभावना है। सरकार टर्म लाइफ इंश्योरेंस को छूट देने पर विचार कर रही है, जिस पर वर्तमान में 18 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि इन्वेस्टमेंट से जुड़े इंश्योरेंस प्लान पर लगने वाले GST को बरकरार रखा जाएगा।