भारत सरकार की डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम की चर्चा पहले ही दुनियाभर में हो चुकी है। कई देशों ने इसे अपने यहां लागू भी किया है। अब इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भी इसकी तारीफ की है। उसने इसे 'लॉजिस्टिकल मार्वल' बताया है। उसने कहा है कि इंडिया जैसे बड़ी आबादी वाले देश को देखते हुए यह स्कीम अपने आप में बेमिसाल है।
IMF के डिफ्टी डायरेक्टर (Fiscal Affairs Department) Paolo Mauro ने कहा कि इंडिया से कई चीजें सीखी जा सकती हैं। दुनियाभर में ऐसेकई उदाहरण हैं, जिनसे सीखा जा सकता है। अगर मैं इंडिया की बात करूं तो यह वास्तव में लाजवाब है। उन्होंने कहा, "इसकी वजह यह है कि इंडिया का साइज बहुत बड़ा है।"
उन्होंने डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम के बारे में कहा, "यह लॉजिस्टिकल मार्वल है क्योंकि ये प्रोग्राम ऐसे लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनकी इनकम बहुत कम है। इस प्रोग्राम की पहुंच करोड़ों लोगों तक है।" उन्होंने फिस्कल मॉनिटर प्रेस ब्रीफिंग में ये बातें कहीं। उनसे इंडियन गवर्नमेंट के डायरेक्ट कैश ट्रांसफर प्रोग्राम की कामयाबी के बारे में पूछा गया था।
आईएमएफ के डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि ऐसे प्रोग्राम हैं, जो सिर्फ महिलाओं के लिए शुरू किए गए हैं। कुछ प्रोग्राम ऐसे हैं, जो बुजुर्गों और किसानों के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, "मजेदार बात यह है कि इन प्रोग्राम को तैयार करने में टेक्नोलॉजी का काफी इस्तेमाल किया गया है।" उन्होंने इंडिया में टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन की सफलता की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में भी लोगों को पैसे भेजने के लिए मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये ऐसे लोग हैं, जिनके पास बहुत पैसे नहीं हैं, लेकिन मोबाइल फोन है। डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने के लिए लोगों की पहचान करना काफी इनोवेटिव है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी चीज है, जिसे एक देश दूसरे से सीख सकते हैं।
आईएमएफ के फिस्कल अफेयर्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर Vitor Gasper ने कहा, "हम इंडिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इंडिया ने मदद के लिए उन लोगों की पहचान की है, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस जटिल काम को करने में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एक शानदार उदाहरण है।" खास बात यह है कि इंडिया की डायरेक्ट कैश ट्रांसफर स्कीम की चर्चा ऐसे वक्त हो रही है, जब दुनिया में इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ सबसे तेज है।