public sector banks : सरकार के आगामी बजट (Union Budget 2022-23) में पब्लिक सेक्टर के बैंकों (पीएसबी) के लिए कैपिटल इनफ्यूजन का ऐलान करने की संभावना नहीं है, क्योंकि बैड लोन्स में कमी के चलते उनकी वित्तीय सेहत में सुधार हुआ है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बैंकों को मार्केट से फंड जुटाने और अपनी नॉन कोर एसेट्स बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने पीएसबी के रिकैपिटलाइजेशन के लिए 20,000 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को मोदी 2.0 सरकार का चौथा बजट पेश किए जाने का अनुमान है।
लगातार बढ़ रहा है प्रॉफिट
बैंकों की वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पीएसबी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 14,012 करोड़ रुपये हो गया था, जो बाद में सितंबर, 2021 में समाप्त तिमाही के दौरान बढ़कर 17,132 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान हुआ कुल प्रॉफिट, पिछले वित्त वर्ष के दौरान हुए कुल प्रॉफिट के लगभग बराबर था।
बैंकों ने पिछले वित्त वर्ष में जुटाए 58,697 करोड़
पिछले वित्त वर्ष के दौरान, पीएसबी ने कुल 58,697 करोड़ रुपये जुटाए थे, जो किसी एक वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा थे। वहीं, जून, 2021 के अंत में पीएसबी का कैपिटल एडीक्वेसी रेश्यो (CAR) बढ़कर 14.3 फीसदी हो गया, वहीं उनकी प्रोविजन कवरेज रेश्यो 84 फीसदी के साथ आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
बैंकों का वित्तीय सेहत सुधारने पर है जोर
बैंकों से अपनी वित्तीय सेहत में सुधार के लिए रिकवरी प्रॉसेस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, बैंक 16 अक्टूबर, 2021 से शुरू हुए क्रेडिट आउटरीच प्रोग्राम के तहत अपनी बैलेंसशीट बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं। पहचान, रिजॉल्युशन और रिकैपिटलाइजेशन सहित सरकार द्वारा किए गए विभिन्न सुधारों से नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) में लगातार गिरावट आ रही है और इसके चलते प्रॉफिट में भी सुधार हुआ है।