Capital Gains Tax: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 18 अप्रैल को साफ कर दिया कि सरकार अमीरों पर कैपिटल गेन टैक्स लगाने की तैयारी में नहीं है। इससे पहले खबर आई थी कि सरकार मौजूदा डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बदलाव करके कैपिटल गेन टैक्स लगाने की तैयारी में है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ट्वीट करके इसपर अपनी सफाई दी है। IT विभाग ने ट्वीट किया, "यह स्पष्ट किया जा रहा है कि सरकार का कैपिटल गेन टैक्स पर इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है।"
सरकार डायरेक्ट टैक्स कानून (Direct Tax Laws) में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रही है। इस बदलाव का मकसद आर्थिक असामनता में कमी लाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले साल सत्ता में लौटने के बादआर्थिक असमानता में कमी लाने पर सरकार अपना फोकस बढ़ा सकती है। मामले से सीधे तौर पर जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमीर लोगों पर कैपिटल गेंस टैक्स (Capital Gains Tax) बढ़ाया जा सकता है। सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अभी इंडिया में ज्यादा कमाई वाले लोगों पर टैक्स (Income Tax) का रेट 30 फीसदी है। लेकिन इक्विटी फंड और शेयरों जैसे कुछ खास एसेट क्लास के कैपिटल गेंस पर टैक्स के रेट्स कम हैं।
अभी इनडायरेक्ट टैक्स पर सरकार की निर्भरता
इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का जवाब फाइनेंस मिनिस्ट्री ने नहीं दिया। बताया जाता है कि इस खबर का असर 18 अप्रैल को स्टॉक मार्केट पर दिखा। मार्केट का प्रमुख सूचकांक 0.6 फीसदी गिर गया। इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि इंडिया में सरकार की निर्भरता डायरेक्ट टैक्स की जगह इनडायरेक्ट टैक्सेज पर रही है। इनडायरेक्ट टैक्सेज कंजम्प्शन पर लगाया जाता है। यह देश में गरीबों के और गरीब होने की मुख्य वजह है। उधर, साल 2018 से 2022 के बीच देश में रोजाना 70 नए मिलियनेयर बने हैं।
सिर्फ 10 फीसदी लोगों के पास 77 फीसदी संपत्ति
ऑक्सफैम इंटरनेशनल के मुताबिक, देश की आबादी के 10 फीसदी हिस्से के पास देश की 77 फीसदी संपत्ति है। सरकार के डेटा बताते हैं कि देश में सिर्फ 6 फीसदी लोग इनकम टैक्स चुकाते हैं। दुनियाभर में सरकारें इनकम के बीच असमानता दूर करने की कोशिश कर रही हैं। चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कॉमन प्रॉस्पेरिटी प्रोग्राम शुरू किया है तो अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमीर लोगों पर ज्यादा टैक्स लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।
2017 में लागू हुआ था जीएसटी सिस्टम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों को सम्मान दिलाने के वादे के साथ 2014 में सत्ता में आए थे। उनकी पार्टी को तीन दशकों में सबसे ज्यादा मतदाताओं का समर्थन मिला था। लेकिन, सत्ता में करीब 9 साल तक रहने के बाद उन पर अमीरों को फायदा पहुंचाने वाली पॉलिसीज बनाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री के अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने 2017 की जुलाई में देश में जीएसटी की व्यवस्था लागू की थी। इसे इनडायरेक्ट टैक्स में अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म माना गया था।