Retail Inflation in July: देश की आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिली है। जुलाई महीने में भारत की खुदरा महंगाई घटकर 3.5 फीसदी पर आ गई, जो कि पिछले 5 वर्षों में सबसे कम है। ये आंकड़े आज सोमवार को सरकार ने जारी किए हैं। महंगाई दर अगस्त 2019 के बाद लगभग पांच वर्षों में पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के मीडिमय टर्म टारगेट 4 फीसदी से नीचे आ गई है।
इसके पहले जून में खाने-पीने की चीजों का दाम बढ़ने के चलते महंगाई में उछाल देखने को मिला था और यह आंकड़ा 5.08 फीसदी पर पहुंच गया था। वहीं, एक साल पहले यानी जुलाई 2023 में खुदरा महंगाई दर 7.44 फीसदी थी, जो उस समय 15 महीने का उच्चतम स्तर था।
ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी राहत
रॉयटर्स द्वारा 36 अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वे में अनुमान लगाया गया था कि जुलाई में खुदरा महंगाई दर तेजी से घटकर 3.65 फीसदी पर आ जाएगी। ग्रामीण महंगाई दर जुलाई में घटकर 4.10 फीसदी पर आ गई, जबकि जून में यह 5.66 फीसदी और जुलाई 2023 में 7.63 फीसदी थी। शहरी महंगाई भी जून में 4.39 फीसदी से घटकर जुलाई में 2.98 फीसदी हो गई। पिछले साल इसी महीने में शहरी मुद्रास्फीति में 7.2 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
खाने-पीने की चीजों के घटे दाम
महंगाई में लगभग 50 फीसदी योगदान देने वाली खाने-पीने की चीजों की कीमतें जुलाई में कम होकर 5.42 फीसदी पर आ गईं, जबकि जून में यह 9.36 फीसदी और जुलाई 2023 में 11.51 फीसदी थी। जुलाई में सब्जियों की महंगाई दर 6.83 फीसदी रही, जबकि जून में यह 29.32 फीसदी थी। अनाज और दालों कीमतों में 8.14 फीसदी और 14.77 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जुलाई में फ्यूल और लाइट की कीमतों में 5.48 फीसदी की गिरावट आई, जबकि जून में इसमें 3.66 फीसदी की गिरावट आई थी।