फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) ने कहा है कि अगले कुछ महीनों तक कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। उसने कहा है कि सरकार और RBI दोनों को इस मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। वित्त मंत्रालय ने 22 अगस्त को अपनी मंथली इकोनॉमी रिव्यू रिपोर्ट जारी की। इसमें कहा गया है कि आने वाले महीनों में डोमेस्टिक कंजम्प्शन और इनवेस्टमेंट डिमांड ग्रोथ को रफ्तार देंगे। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और घरेलू बाजार से जुड़ी बाधाएं इनफ्लेशनरी प्रेशर को हाई बनाए रख सकती है। ऐसे में सरकार और RBI को बहुत सावधानी बरतनी होंगी।
जुलाई में रिटेल इनफ्लेशन में उछाल
फाइनेंस मिनिस्ट्री की इस रिपोर्ट से कुछ ही दिन पहले जुलाई के रिटेल इनफ्लेशन के आंकड़े आए थे। पिछले महीने रिटेल इनफ्लेशन 7.44 फीसदी पर पहुंच गया, जो 15 महीनों का हाई लेवल है। जून में रिटेल इनफ्लेशन 4.87 फीसदी था। जुलाई में रिटेल इनफ्लेश में उछाल की बड़ी वजह सब्जियों की कीमतों में आई तेजी बताई जा रही है। सरकार ने महंगाई की दर में अचानक उछाल आने के बाद खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ने से रोकने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए हैं। प्याज की कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए 19 अगस्त को इसके निर्यात पर 40 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान किया गया।
प्याज के एक्सपोर्ट पर 40 फीसदी ड्यूटी
सरकार का मानना है कि प्याज के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी लगाने से इसके निर्यात में कमी आएगी, जिससे घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ने से इसकी कीमतें काबू में रहेंगी। पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में उछाल आया है। इससे पहले टमाटर की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। हालांकि, अब उसकी कीमतों में कमी आ रही है। लेकिन, अब भी टमाटर की खुदरा कीमत 100 रुपये प्रति किलो है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है।
अगस्त में भी इनफ्लेशन 7 फीसदी से ज्यादा रहने का डर
इकोनॉमिस्ट्स को रिटेल इनफ्लेशन अगस्त में भी 7 फीसदी से ज्यादा रहने की उम्मीद है। यह तब है जब सरकार कीमतों को काबू में करने के लिए कई उपाय कर रही है। सरकार कई जगहों पर कम कीमत पर टमाटर बेच रही है। आम तौर पर त्याहारों का सीजन शुरू होने पर ही रिटेल इनफ्लेशन में कमी देखने को मिलती है। इसलिए कुछ इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि इस साल अक्टूबर तक ही रिटेल इनफ्लेशन 5 फीसदी से नीचे आएगा। उससे पहले कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। RBI ने 10 अगस्त को मॉनेटरी पॉलिसी पेश करने के दौरान जुलाई-सितंबर के दौरान इनफ्लेशन के अनुमान को 1 फीसदी बढ़ाकर 6.2 फीसदी कर दिया था।
अक्टूबर तक कीमतों में नरमी की उम्मीद
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल में कुछ फूड आइटम्स की कीमतों में आई तेजी अस्थाई है। अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में टमाटर की नई फसल के बाजार में आने से इसकी कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा तूर दाल के ज्यादा आयात से दलहन की कीमतों में आई तेजी पर भी लगाम लगेगी। इसके साथ ही हाल में सरकार की तरफ से किए गए उपायों से आने वाले महीनों में फूड इनफ्लेशन सामान्य स्तर पर आ जाने की उम्मीद है।