ब्रोकरेज ने बढ़ा दिया FY24 की GDP Growth का अनुमान, लेकिन एक नए रिस्क को लेकर किया आगाह

GDP Growth: कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने इस पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में देश की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है। हालांकि इस साल की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी तो की है लेकिन अगले साल 2024 को लेकर उन्हें कुछ रिस्क दिख रहे हैं। इसमें एक नया रिस्क भी है। जानिए क्या है यह नया रिस्क और ब्रोकरेज का रुझान क्या है?

अपडेटेड Dec 01, 2023 पर 11:45 AM
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कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने इस साल की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी की है लेकिन अगले साल 2024 को लेकर उन्हें कुछ रिस्क दिख रहे हैं।

GDP Growth: कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने इस पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में देश की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है। ब्रोकरेज ने सितंबर तिमाही में घरेलू मांग में इजाफा के चलते उम्मीद से बेहतर 7.6 फीसदी की ग्रोथ के चलते यह अनुमान बढ़ाया है। हालांकि एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की कमजोर आवक, क्रेडिट में नरमी और बेस इफेक्ट्स के सामान्यीकरण के चलते ग्रोथ सुस्त भी हो सकती है। पिछले महीने के आखिरी दिन यानी 30 नवंबर को जो आंकड़े जारी हुए, उसमें निवेश और सरकारी खर्च में मजबूत वृद्धि दिखी लेकिन निजी खपत पिछड़ गई। एनालिस्ट्स की नजर खपत से अधिक निवेश और सर्विसेज से अधिक तेज इंडस्ट्री की रफ्तार पर गई।

ग्रोथ से जुड़ गया एक नया रिस्क

कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने इस साल की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी की है लेकिन अगले साल 2024 को लेकर उन्हें कुछ रिस्क दिख रहे हैं। एनालिस्ट्स के मुताबिक केंद्रीय बैंक RBI के नए नियमों के चलते अनिश्चितता का एक पहलू और बढ़ गया। गोल्डमैन सैक्स ने इस कैलेंडर वर्ष 2023 में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 0.20 फीसदी बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है लेकिन अगले कैलेंडर वर्ष 2024 के 6.2 फीसदी के ग्रोथ अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है।


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बाकी ब्रोकरेज फर्मों का क्या है रुझान

सिटी के एनालिस्ट्स के मुताबिक जीडीपी के लेटेस्ट आंकड़ों से इस बात की पुष्टि होती है कि विकास की स्पीड दो-तरफा है। इससे यह संकेत मिलता है कि खपत से अधिक निवेश हो रहा है। सिटी ने इस वित्त वर्ष के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 0.50 फीसदी बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। अक्टूबर से लेकर अब तक के ग्रोथ और इनफ्लेशन के आंकड़ों के हिसाब से सिटी का मानना है कि दिसंबर में मौद्रिक नीतियों के कमेटी की बैठक में RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

इंडस्ट्रियल सेक्टर की ग्रोथ सर्विसेज सेक्टर से अधिक रही और शहरों में गांवों की तुलना में आर्थिक गतिविधियां अधिक हुईं। ब्रोकरेज फर्म HSBC के मुताबिक कमजोर FDI आवक, क्रेडिट ग्रोथ में सुस्ती, बेस इफेक्ट्स में नॉर्मलाइजेशन के चलते अगले कुछ महीने में ग्रोथ सुस्त हो सकती है।

वहीं मॉर्गन स्टैनले ने देश में मजबूत आर्थिक गतिविधियों के चलते वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। हालांकि इस अपसाइड रिविजन के बावजूद मॉर्गन स्टैनले ने अगले वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा है।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि ग्रोथ के मामले में वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में ग्रोथ की रफ्तार सुस्त हो सकती है। नुवामा के मुताबिक मार्जिन में कमी और खराब मानसून के चलते इसे झटका लगेगा। ब्रोकरेज के मुताबिक सरकारी खर्च में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा कंज्यूमर लोन से जुड़े RBI के सख्त नियमों से मांग पर असर पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2024 में देश की रियल जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.5 फीसदी पर स्थिर रखा है।

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