दिवाली से दिवाली तक समृद्धि के मंत्र सीरीज के अपने इस प्रोग्राम में हम बात कर रहें है म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के दिग्गज नीलेश शाह से। उनसे आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि इस दिवाली पर मोटी कमाई की कुंजी कहां है और इस दिवाली से अगली दिवाली तक कहां पैसा बनेगा और अगले संवत में कौन-सा थीम करेगा कमाल?
बाजार और इकोनॉमी पर बात करते हुए KOTAK AMC के एमडी और सीईओ नीलेश शाह का कहना है कि अगले साल भी बाजार में ग्लोबल चुनौतियां कायम रहेंगी। रूस-यूक्रेन युद्ध अब तक जारी है। ऊंची ब्याज दरें, महंगाई से आगे भी बाजार के लिए परेशानी रहेगी। क्रूड कीमतों का जोखिम बरकरार है। नीलेश शाह ने आगे कहा कि 1 साल के नजरिए से भारतीय बाजार महंगे है लेकिन 5 साल के नजरिए से भारतीय बाजार सस्ता है।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि रूस के परमाणु हमले की सूरत में बाजार गिरेगा। अगर आगे फेड रेट कट करता है बाजार में तेजी आएगी। इस साल बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं बल्कि गिरते बाजार में निवेश की स्ट्रैटेजी रखें।
किस थीम में बनेगा पैसा? इस सवाल का जवाब देते हुए नीलेश शाह ने कहा कि बैंक-फाइनेंस आउटपरफॉर्म करेंगे। बैंकिंग और फाइनेंशिलय सेक्टर में अच्छे मौके नजर आ रहे है। बैंकिंग सेक्टर में कनसॉलिडेशन जारी है। एक दशक में सबसे निचले स्तर पर NPA नजर आ रहा है। वहीं ब्याज दरें बढ़ने से बैंकों का मार्जिन बढ़ेगा। करेक्शन के बाद वैल्युएशन आकर्षक हुए है। अगले साल बैंकिंग-फाइनेंस सबसे बड़ा परफॉर्मर बनेगा।
वहीं कैपिटल गुड्स, इंजीनियरिंग में भी निवेश के अच्छे मौके मिल रहे है। नीलेश शाह का कहना है कि केमिकल शेयरों में अगले कई सालों की रैली देखने को मिली है। चीन + वन का ट्रेंड अगले 15-20 सालों तक रहेगा।
मैन्युफैक्चरिंग में बनेगा पैसा
नीलेश शाह का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ की काफी संभावनाएं है। केमिकल, कंस्ट्रक्शन मैटेरियल से जुड़े शेयर नीलेश शाह को पसंद आ रहे है। उन्होंने आगे कहा कि चीन + थीम के चलते मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट बढ़ा है। सरकारी खर्च के साथ निजी कैपेक्स का फायदा भी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा। अगले 1 साल मैन्युफैक्चरिंग का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है।
वहीं ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि हमारा नजरिया ऑटो सेक्टर पर ओवरवेट बन हुआ है। पैसेंजर व्हीकल की डिमांड काफी अच्छी है। ऑटो उपकरण वाली कंपनियां अच्छा कर रही हैं। निवेशकों को ऑटो सेक्टर में निवेश की सलाह होगी।
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि US में मंदी के डर से IT सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है। IT के नतीजे अच्छे, लेकिन कमेंट्री सुस्त है। US और यूरोप में IT खर्च में कटौती की आशंका है। अगले 6 महीने से आईटी सेक्टर में पैसा नहीं बना है।
भारत की ग्रोथ स्टोरी पर उनका कहना है कि भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी आगे लंबी चलेगी। निवेशक गिरावट में धैर्य रखें और अपना पोर्टफोलियो बनाते रहें। भारत की ग्रोथ स्टोरी आगे रंग लाएगी ।
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