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निर्मला सीतारमण ने प्राइवेट सेक्टर को 45 दिन के अंदर MSME को बकाया पेमेंट करने को कहा

सीतारमण ने यह भी माना कि केंद्र, राज्य और सरकारी कंपनियों के पास एमएसएमई सेक्टर का काफी पैसा बकाया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के पास भी एमएसएमई का बकाया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 16, 2022 पर 2:47 PM
निर्मला सीतारमण ने प्राइवेट सेक्टर को 45 दिन के अंदर MSME को बकाया पेमेंट करने को कहा
Nirmala Sitharaman ने कहा कि दो दिन पहले उद्योग के दिग्गजों के साथ उनकी मीटिंग हुई थी। इसमें उन्होंने इंडस्ट्रियलिस्ट्स से एमएसएमई का बकाया अमाउंट चुका देने की अपील की थी।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्राइवेट सेक्टर (Private Sector) को 45 दिन के अंदर MSME को बकाया अमाउंट का पेमेंट करने को कहा है। उन्होंने शुक्रवार (16 सितंबर) को यह निर्देश दिया। एमएसएमई का मतलब छोटे उद्यमों से है। इसके तहत माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज आते हैं।

सीतारमण ने यह भी माना कि केंद्र, राज्य और सरकारी कंपनियों के पास एमएसएमई सेक्टर का काफी पैसा बकाया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के पास भी एमएसएमई का बकाया है। प्राइवेट सेक्टर एमएसएमई से गुड्स और सर्विसेज लेती है।

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उन्होंने कहा कि दो दिन पहले उद्योग के दिग्गजों के साथ उनकी मीटिंग हुई थी। इसमें उन्होंने इंडस्ट्रियलिस्ट्स से एमएसएमई का बकाया अमाउंट चुका देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा करना जरूरी है क्योंकि एमएसएमई इकोनॉमी की रीढ़ हैं। इसलिए उनके पैसे समय पर चुकाए जाने चाहिए।

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