कोरोना महामारी (Covid-19) ने देश में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (Consumer Confidence) को बुरी तरह प्रभावित किया है। RBI के सोमवार 17 जनवरी जारी बुलेटिन में कहा गया कि कोरोना संक्रमण और उससे हुई मौतें से परिवारों के सेंटीमेंट पर असर पड़ा है। बुलेटिन में कहा गया है कि जिन शहरों में कोरोना संक्रमण का अधिक असर रहा, वहां बाकी जगहों के मुकाबले कंज्यूमर का कॉन्फिडेंस अधिक प्रभावित हुआ है।
बुलेटिन में कहा गया है, "उपभोक्ता मौजूदा स्थिति के बारे में चिंतित रहते हैं। हालांकि आने वाले वर्ष के लिए उनकी उम्मीदें महामारी के कम होने के बाद आर्थिक सुधार में विश्वास पैदा कर सकती हैं।" बुलेटिन में कहा गया है कि अधिकतर देशों में कंज्यूमर कॉन्फिडेंस में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि यह अभी भी कोरोना-पूर्व स्तर पर नहीं पहुंची है।
हालांकि RBI ने भविष्य को लेकर उम्मीदें जताई हैं। बुलेटिन में कहा गया कि मौजूदा स्थिति को लेकर कोरोना के चलते कंज्यूमर कॉन्फिडेंस जरूर प्रभावित हुआ है, लेकिन भविष्य के बारे में उम्मीदें थोड़ी आशावादी रही हैं। RBI ने कहा कि इसके चलते देश की कुल आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत बनी हुई है।
RBI बुलेटिन में कहा गया कि, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बारे में ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के आंकड़े इसे 66-80 फीसदी तक कम घातक बता रहे हैं जिसमें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी कम पड़ रही है। इसके अलावा टीकाकरण मोर्चे पर भारत की प्रगति भी काफी तेज रही है।
आरबीआई का बुलेटिन कहता है कि ओमीक्रोन के एक लहर के बजाय अचानक आई बाढ़ ही रह जाने की संभावना निकट भविष्य में बढ़ गई है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ किया है कि बुलेटिन में लिखे विचार इसके लेखकों और एनालिस्टों के हैं और यह RBI के अधिकृत रुख को नहीं बताते हैं।