भारतीयों की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income in India) वित्त वर्ष 2030 तक 70 प्रतिशत बढ़कर 4,000 अमेरिकी डॉलर हो जाने की संभावना है, जो कि वित्त वर्ष 2023 में 2,450 अमेरिकी डॉलर प्रति व्यक्ति है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भारत की GDP को भी बड़ा सपोर्ट मिलेगा और यह करीब 6 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। इस दौरान भारत की GDP का आधे से अधिक हिस्सा घरेलू उपभोग से आएगा। पिछले 20 सालों के दौरान भारत की प्रति व्यक्ति आय में तेजी से इजाफा हुआ है।
प्रति व्यक्ति आय/GDP वित्त वर्ष 2001 में 460 अमेरिकी डॉलर थी, जो 2011 में बढ़कर 1,413 डॉलर और 2021 में 2,150 डॉलर हो गई है। पीटीआई के मुताबिक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को गति बाहरी व्यापार के कारण सबसे ज्यादा मिलेगी। यह अभी के वित्त वर्ष यानी 2023 में 1.2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2030 तक करीब दोगुना होकर 2.1 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस दौरान भारत में घरेलू उपभोग भी तेजी से बढ़ेगा। 2022-23 तक 3,360 डॉलर प्रति व्यक्ति आय के साथ राज्यों में तेलंगाना शीर्ष पर है। जबकि कर्नाटक दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2030 तक इस रैंकिंग में बदलाव हो सकता है, जिसमें गुजरात टॉप पर आ सकता है। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, हरियाणा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश रहने वाला है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात और आंध्र प्रदेश से देश की 20 प्रतिशत GDP आएगी और 2030 तक इन राज्यों की प्रति व्यक्ति आय 6000 डॉलर के करीब होगी। वहीं, उत्तर प्रदेश और बिहार जहां देश की कुल 25 फीसदी आबादी रहती है। वहां 2030 के बाद भी प्रति व्यक्ति आय 2,000 डॉलर से नीचे रहेगी।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि उनके तीसरे कार्यकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन के बाद दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगी और 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। फिलहाल जापान तीसरे और जर्मनी चौथे स्थान पर है। जबकि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।