महंगाई से त्रस्त आम लोगों के लिए अच्छी खबर है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने इनफ्लेशन (Inflation) में जल्द कमी आने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि इनफ्लेशन पीक (Peak) यानी उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद नीचे आ रहा है। आने वाले महीनों में इसमें गिरावट जारी रहने की संभावना है।
दास ने 2 सितंबर को जी बिजनेस के साथ इंटरव्यू में कहा, "इनफ्लेशन एक ग्लोबल प्रॉब्लम बन गया है। इनफ्लेशन का ग्लोबलाइजेशन अब देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्थितियों को देखने के बाद हम कह सकते हैं कि इंडिया में यह अप्रैल में अपने पीक पर पहुंच गया था। अब इसमें धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिलेगी।"
RBI गवर्नर ने कहा कि आने वाले महीनों में थोड़ा उतार-चढ़ाव दिख सकता है, लेकिन भविष्य में इसमें धीरे-धीरे गिरावट जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इनफ्लेशन में गिरावट आने की कई वजहे हैं। पहला, क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आ रही हैं। कमोडिटी की कीमतों में भी नरमी आई है।
दास ने केंद्रीय बैंक की अगली मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में कुछ बताना मुश्किल हैं और गलत भी है। उन्होंने कहा कि स्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
इस साल अप्रैल में रिटेल इनफ्लेशन 7.79 फीसदी के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। जून में यह 7.01 फीसदी और जुलाई में 6.71 फीसदी पर आ गया। अप्रैल के बाद पहली बार इनफ्लेशन 7 फीसदी के लेवल से नीचे आया है।
केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ आरबीआई के अनुमान के मुकाबले कम रही है। मॉनेटरी पॉलिसी की अगली बैठक में इस पर चर्चा होगी। हमने कुछ क्षेत्रों की पहचान की है। व्यापक अध्ययन के बाद अगली बैठक में इन पर चर्चा होगी।
दास ने कहा कि हालांकि, ग्रोथ थोड़ी कम रही है। इनफ्लेशन को काबू में करने के उपायों का थोड़ा असर इस पर हो सकता है। लेकिन, केंद्रीय बैंक की कोशिश यह रही है कि ग्रोथ पर इन उपायों का असर कम से कम पड़े।