RBI ने फिस्कल ईयर 2023 में GDP ग्रोथ रेट 7.78% रहने का अनुमान जताया

रेपो रेट पहले की तरह 4% पर और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार है, मई 2020 से ही पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है

अपडेटेड Feb 10, 2022 पर 10:42 AM
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MPC ने एकमत से इसबार भी पॉलिसी रेट में कोई बदलाव ना करने का फैसला किया

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को MPC (मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी) की बैठक के बाद बताया कि फिस्कल ईयर 2023 में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रह सकती है। इसके साथ ही RBI ने अकोमडेटिव रूख रखने का फैसला किया है।

इसके साथ ही MPC ने एकमत से इसबार भी पॉलिसी रेट में कोई बदलाव ना करने का फैसला किया है। यह लगातार दसवीं बार है जब RBI ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट पहले की तरह 4% पर और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार है। मई 2020 से ही पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने पॉलिसी रेट में फिर कोई बदलाव नहीं किया, रेपो रेट 4% पर बरकरार


RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक हर दो महीने में एकबार होती है। कोरोनावायरस के असर से इकोनॉमी को निकालने के लिए RBI पॉलिसी के मोर्चे पर सख्ती नहीं कर रहा है। रिजर्व बैंक ने इस बार ग्रोथ के लिए अकोमडेटिव रूख अपनाया है।

क्या होता है अकोमोडेटिव रूख अपनाने का मतलब

अकोमोडेटिव स्टैंस का मतलब है कि निकट भविष्य में आरबीआई पॉलिसी रेट में कमी करने जा रहा है। बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए ऐसा किया जाता है। आम तौर पर जब MPC का स्टैंस अकोमोडेटिव होता है तो पॉलिसी रेट में वृद्धि की उम्मीद नहीं की जाती है।

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