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Inflation अगर 4% के करीब आ जाता है तो मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव दिख सकता है, MPC सदस्य आशिमा गोयल का अनुमान

RBI की MPC ने 6 अप्रैल को मॉनेटरी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने का फैसला किया था। इस फैसले ने मार्केट्स को चौंकाया था। हालांकि, RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि इनफ्लेशन के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 24, 2023 पर 1:35 PM
Inflation अगर 4% के करीब आ जाता है तो मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव दिख सकता है, MPC सदस्य आशिमा गोयल का अनुमान
एमपीसी के बयान और मिनट्स से पता चलता है कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला कर सकती है।

Inflation अगर 4 फीसदी के RBI के टारगेट के करीब आ जाता है तो मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव देखने को मिल सकता है। एमपीसी की सदस्य अशिमा गोयल ने यह संकेत दिया है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने इनफ्लेशन को लेकर कई बातें बताईं। MPC की अप्रैल की बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद उन्होंने इस बारे में चर्चा की। आरबीआई की एमपीसी ने 6 अप्रैल को मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट नहीं बढ़ाने का फैसला किया था। हालांकि, उम्मीद की जा रही थी कि रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।

जरूरत पड़ने पर रेट बढ़ा सकता है केंद्रीय बैंक

एमपीसी के बयान और मिनट्स से पता चलता है कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला कर सकती है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने का फैसला सिर्फ अप्रैल की मॉनेटरी पॉलिसी के लिए है। हालांक, यह माना जा रहा है कि एमपीसी ने इंटरेस्ट बढ़ाने की साइकिल पूरी कर ली है। खासकर तब जब रिटेल इनफ्लेशन मार्च में 5.66 फीसदी के 15 महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गया। इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि रिटेल इनफ्लेशन में गिरावट जारी रहेगी। यह अप्रैल में गिरकर 5 फीसदी के नीचे आ सकता है। अप्रैल का डेटा आरबीआई की अगली मॉनेटरी पॉलिसी से पहले आ जाएगा। अगली मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक 6 जून को शुरू होगी। इसके नतीजे 8 जून को आएंगे।

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