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क्यों इनफ्लेशन कंट्रोल में नहीं आया? RBI को सरकार को देना होगा इस सवाल का जवाब

इस साल अप्रैल में रिटेल इनफ्लेशन 7.79 फीसदी पर पहुंच गया था। यह रिटेल इनफ्लेशन का 95 महीनों का सबसे ज्यादा लेवल था। सरकार ने यह डेटा 12 मई को जारी किया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 17, 2022 पर 1:30 PM
क्यों इनफ्लेशन कंट्रोल में नहीं आया? RBI को सरकार को देना होगा इस सवाल का जवाब
इस रिपोर्ट को तैयार करनेके लिए जल्द मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक होगी। इसकी वजह यह है कि ऐसी रिपोर्ट डेटा आने के एक महीने के अंदर सरकार को भेजना जरूरी होता है।

कई महीनों तक इंतजार करने के बाद अब कहा जा सकता है कि इनफ्लेशन (Inflation) को कंट्रोल में करने में RBI नाकाम रहा है। सितंबर के रिटेल इनफ्लेशन (Retail Inflation) के डेटा 12 अक्टूबर को जारी किए गए। इससे इस बात की पुष्टि हो गई कि एवरेज रिटेल इनफ्लेशन लगातार तीन तिमाहियों में 2-6 फीसदी के आरबीआई के टारगेट से ज्यादा रहा है।

इस साल जनवरी-मार्च के दौरान एवरेज इनफ्लेशन 6.3 फीसदी रहा। अप्रैल-जून के दौरान 7.3 फीसदी रहा। जुलाई-सितंबर के दौरान 7 फीसदी रहा। अब RBI को इस बारे में केंद्र सरकार को रिपोर्ट पेश करने होगी। उसे बताना होगा कि किन वजहों से इनफ्लेशन को काबू में नहीं किया जा सका। केंद्रीय बैंक को यह भी बताना होगा कि इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही वह समय बताना होगा, जब इनफ्लेशन टारगेट के अंदर आ जाएगा।

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इस रिपोर्ट को तैयार करनेके लिए जल्द मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक होगी। इसकी वजह यह है कि ऐसी रिपोर्ट डेटा आने के एक महीने के अंदर सरकार को भेजना जरूरी होता है। इस हिसाब से केंद्रीय बैंक को 12 नवंबर तक यह रिपोर्ट भेजनी होगी। सवाल यह है कि RBI की इस रिपोर्ट में क्या होगा?

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