बढ़ता बजटीय घाटा और महंगाई इंडियन इकोनॉमी के लिए एक बड़ी चुनौती: नोमुरा

नोमुरा ने अपने ओवर ऑल विश्लेषण में भारत को दुनिया की उन इकोनॉमिक के साथ रखा है जिनके फंडामेटल तुलनात्मक रुप से अच्छे हैं और जिनको कमोडिटी की कीमतों में गिरावट आने पर फायदा मिलता दिखेगा.

अपडेटेड Mar 31, 2022 पर 11:39 AM
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नोमुरा ने अपने विश्लेषण में भारत को कमोडिटी डिपेंडेंट ग्रुप में रखा है। वहीं हंगरी, रोमानिया, तुर्की, चेक रिपब्लिक और रूस को ‘vulnerable’ ग्रुप में रखा है.

नोमुरा की उभरते बाजारों पर आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय इकोनॉमी के सामने बढ़ते बजटीय घाटे और बढ़ती खुदरा महंगाई के रूप में एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध का भारत पर अप्रत्यक्ष प्रभाव भी एक बड़ी कठिनाई है।

इस रिपोर्ट में दुनिया की 20 बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की खूबियों और कमजोरियों का विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण में वर्तमान में खड़ी चुनौतियों और विश्लेषण में शामिल देशों के फाइनेंशियल फंडामेंटल्स को आधार बनाया गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विश्लेषण में शामिल लगभग सभी देशों के बजटीय घाटे में कोविड -19 महामारी की वजह से भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। जिसके चलते इनका पब्लिक डेट रेश्यो ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इनमें भी भारत जैसे देश दूसरों की तुलना में इस मामले में ज्यादा बुरी स्थिति में हैं। अपने इस विश्लेषण में नोमुरा ने भारत को ब्राजील, हंगरी, साउथ अफ्रीका और चीन के साथ रखा है जबकि रूस, पेरू, चिल्ली और टर्की को एक दूसरे ग्रुप में रखा है।


इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महंगाई को कंट्रोल करने और गरीबों पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए भारत को ईंधन पर दी जा रही सब्सिडियरी पर विचार करने की जरुरत है। इस रिपोर्ट में भारत के संदर्भ में यह भी कहा गया है कि रूस -यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का भी भारतीय इकोनॉमी पर अप्रत्यक्ष प्रभाव देखने को मिल रहा है।

बता दें कि भारत खेती में उपयोग होने वाले फर्टिलाइजर का बहुत बड़ी मात्रा में इंपोर्ट करता है। भारत में इंपोर्ट होने वाले फर्टिलाइजर का करीब 30 फीसदी हिस्सा रूस और बेलारूस से आता है।

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नोमुरा ने अपने ओवर ऑल विश्लेषण में भारत को दुनिया की उन इकोनॉमिक के साथ रखा है जिनके फंडामेटल तुलनात्मक रुप से अच्छे हैं और जिनको कमोडिटी की कीमतों में गिरावट आने पर फायदा मिलता दिखेगा। इस ग्रुप के दूसरे देश चीन, साउथ कोरिया, थाइलैंड और फ़िलिपींस है।

नोमुरा ने अपने विश्लेषण में भारत को कमोडिटी डिपेंडेंट ग्रुप में रखा है। वहीं हंगरी, रोमानिया, तुर्की, चेक रिपब्लिक और रूस को ‘vulnerable’ ग्रुप में रखा है जबकि ब्राजील, पेरू, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया को ‘resilient’ ग्रुप में रखा है।

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