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भगवान ने मुझे काफी कुछ दिया, अब मैं उसके बच्चों की सेवा करना चाहती हूं : सुधा मूर्ति

इन्फोसिस ने 1996 में हमें 32 लाख रुपये दिए। उस समय लगा कि इतनी बड़ी रकम का क्या करूंगी। आज, 400 करोड़ रुपये भी बड़ी रकम नहीं है, क्योंकि कई कोविड, कुपोषण, भूख शिक्षा आदि कई समस्याएं सामने हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 10, 2021 पर 7:49 PM
भगवान ने मुझे काफी कुछ दिया, अब मैं उसके बच्चों की सेवा करना चाहती हूं : सुधा मूर्ति
Sudha Murty

 

Sudha Murty Interview: सुधा मूर्ति इन्फोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति (NR Narayana Murthy) की पत्नी और भारत की लीडिंग फिलैंथ्रोपिस्ट हैं। वह 30 से ज्यादा किताबें लिख चुकी हैं।

71 वर्षीय मूर्ति इन्फोसिस फाउंडेशन (भारत की दूसरी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस की फिलैंथ्रोपिक आर्म) से रिटायर होने जा रही हैं। उन्होंने 1996 में स्थापना के बाद से लगातार 25 साल इसका नेतृत्व किया। वह अपनी फैमिली के मूर्ति फाउंडेशन के लिए आगे भी काम जारी रखने की उम्मीद कर रही हैं। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में सुधा मूर्ति ने अपनी भावी योजनाओं सहित कई मुद्दों पर बात की। मुख्य अंश...

1996 में 32 लाख रुपये के साथ इन्फोसिस फाउंडेशन की शुरुआत हुई। 25 साल बाद यह रकम बढ़कर 400 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। क्या आप फाउंडेशन के प्रभाव और वर्षों के अपने सफर के बारे में कुछ बता सकती हैं?

इन्फोसिस ने शुरुआत में हमें 32 लाख रुपये दिए। मुझे लगा कि इतनी बड़ी रकम का क्या करूंगी। आज, 400 करोड़ रुपये भी बड़ी रकम नहीं है, क्योंकि कई कोविड, कुपोषण, भूख शिक्षा आदि कई मुद्दे सामने हैं। कई समस्याएं हैं, आपको उनमें से कुछ चुननी हैं जिन पर आप काम कर सकते हैं।

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