दक्षिण भारत के राज्यों में टमाटर की कीमतों में उछाल आया है। भारी बारिश से फसल को नुकसान होने और उसके बाद आई बाढ़ के कारण ट्रांसपोर्ट मुश्किल हो गया है इसका असर टमाटर की कीमतों पर नजर आ रहा है। रिटेल मार्केट में टमाटर की कीमतें 120 रुपये किलोग्राम तक पहुंच गई है।
ट्रेडर्स ने कहा कि तिरुवनंतपुरम के सबसे बड़े थोक बाजार चला में टमाटर का थोक भाव 120 रुपये किलो तक पहुंच गया है। सब्जियों के मुख्य सप्लायर कर्नाटक और तमिलनाडु हैं।
एक ग्राहक ने कहा कि रिटेल मूल्य 140-160 रुपए के बीच है जबकि थोक मूल्य 120 रुपए किलो है। भारी बारिश से फसलों को नुकसान होने के कारण कीमतें प्रभावित किया है। बेंगलुरु में टमाटर की कीमतों में 70 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि देखी गई है।
एक स्थानीय निवासी इंद्रेश ने कहा बताया कि बार-बार बारिश ने टमाटर की कीमतों को प्रभावित किया है, जो अब बढ़कर 70 रुपये किलोग्राम हो गया है। फूलगोभी, लौकी, धनिया, भिंडी और प्याज जैसी अन्य सब्जियों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
तमिलनाडु में चेन्नई में टमाटर की कीमत 80-90 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हो गई है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि न केवल टमाटर बल्कि अन्य सब्जियों की भी कीमतें बारिश के कारण 80-90 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हो गई हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश के कारण सब्जियों की कीमतों में तेजी आई है। किसानों को नुकसान हो रहा है और व्यापारियों का कहना है कि टमाटर को ट्रांसपोर्ट करने के दौरान बड़ी मात्रा में नुकसान होता है।
इस बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सांसद कुलदीप राय शर्मा ने मांग की है कि भारी बारिश के कारण उत्तर और मध्य अंडमान जिले में धान और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान के कारण केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन उन किसानों को मुआवजा दे।