Trade Policy Forum: भारत से आम और अमेरिका से चेरी के निर्यात के उपायों पर काम करने के लिए दोनों देश सहमत हुए है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई के बीच बैठक के दौरान यह सहमति बनी। बैठक में कारोबार से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। कुल मिलाकर भारत के कृषि उत्पाद के निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजारों के रास्ते अब पूरी तरह खुल गए हैं। भारत और अमेरिका ने चार साल बाद आयोजित व्यापार नीति फोरम (Trade Policy Forum) में साझा समझौते पर हस्ताक्षर किए है।
इस समझौते के तहत भारत से आम, अनार और अंगूर को अब अमेरिकी बाजारों में आसानी से भेजा जा सकेगा। इसके बदले अमेरिका अपने यहां की चेरी और सुअर के मांस और उससे बने प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में भेजेगा। फोरम की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि अब आम और अनार को अमेरिकी बाजार में भेजने के लिए प्री-क्लीयरेंस के साथ उनकी जांच और निगरानी का जिम्मा भी भारतीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा। यानी भारत की निगरानी व्यवस्था को अमेरिका स्वीकार करेगा। अब भारतीय आम को अमेरिकी लैब में टेस्ट की जरूरत नहीं है, बल्कि हमारी लैब के सार्टिफिकेट को वो स्वीकार करेंगे।
दूसरी ओर, अमेरिका अपनी चेरी और पशुओं के लिए अल्फाल्फा घास से बने चारे को घरेलू बाजार में निर्यात करेगा। इस बीच भारत ने तरजीही व्यापार का दर्जा वापस लौटाने की भी मांग की, जिस पर अमेरिका ने विचार करने का भरोसा दिया है। इसके अलावा दोनों देशों ने आयात शुल्क (Import duty) में कटौती पर भी सहमति जताई है। अब भारत का दशहरी और लंगड़ा जैसे आम न्यूयॉर्क और दूसरे अमेरिकी शहरों में बिकेंगे। वहीं कैलीफोर्निया की चेरी दिल्ली के सुपर मार्केट में बिकेगी।
यह व्यापार नीति फोरम भारत अमेरिका के बीच 4 साल में पहली बार हुई है। फोरम में भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय कारोबार (bilateral trade) बढ़ने पर खुशी जताई है। जनवरी-सितंबर, 2021 में दोनों देशों के बीच हुआ कुल साझा व्यापार पिछले साल की समान अवधि से 50 फीसदी अधिक है। फोरम ने अनुमान लगाया है कि इस साल दोनों देशों का द्विपक्षीय कारोबार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा। पिछले वित्तवर्ष में यह 80 अरब डॉलर रहा था।