AI Employment: AI से जाएंगी नहीं बल्कि आएंगी नौकरियां, 7 सालों के भीतर इंडस्ट्री में लगेगा 13.5 करोड़ जॉब्स का अंबार

AI से जुड़े साइंटिस्ट ने बताया है कि आने वाले समय में अकेले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से 13.5 करोड़ मार्केट में आएंगी। दुनिया की टॉप कंपनियों को ऐसे लोगों की तलाश होगी जो इस सेक्टर में आसानी से फिट हो सकें लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नीक में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की संख्या में काफी कमी होगी।

अपडेटेड Jul 20, 2023 पर 3:27 PM
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आईबीएम (IBM) के प्रोग्राम डेवलपमेंट हेड संजीव मेहता ने बताया कि 2030 तक AI में स्किल्ड युवाओं की भारी कमी पड़ने वाली है।

AI Employment: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस धीरे-धीरे दुनिया की काया बदल रहा है। इसके आने से लोगों को अपनी जॉब पर खतरा दिख रहा है। लोगों का कहना है कि एआई के बूम से जल्द ही करोड़ों लोगों की नौकरी चली जाएगी। हालांकि एक रिपोर्ट ने लोगों की सारी दुविधाएं दूर कर दी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सरोकार रखने वाले लोगों का कहना है कि वकीलों, लेखकों और कलाकारों के क्षेत्रों भारी कमी आएगी।

लोगों कही होगी भारी कमी

AI  से जुड़े साइंटिस्ट ने इस सिक्के के दूसरे पहलू को भी दिखाया है। आने वाले समय में अकेले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से 13.5 करोड़ मार्केट में आएंगी। दुनिया की टॉप कंपनियों को ऐसे लोगों की तलाश होगी जो इस सेक्टर में आसानी से फिट हो सकें लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नीक में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की संख्या में काफी कमी होगी। लगभग 8.5 करोड़ युवा की कमी इस सेक्टर को झेलनी पड़ेगी। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि युवाओं को अभी से आने वाले समय के लिए तैयार रहना चाहिए और इस फिल्ड के लिए जिन स्किल्स की जरूरत है उन पर काम करना चाहिए। भारत के लिए ये रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अच्छा मौका हो सकता है।

पढ़ाई में बदलाव है जरूरी

आईबीएम (IBM) के प्रोग्राम डेवलपमेंट हेड संजीव मेहता ने बताया कि 2030 तक AI में स्किल्ड युवाओं की भारी कमी पड़ने वाली है। यह कमी आपको हर सेक्टर में दिखाई देगी। बता दें कि जल्द ही AI का एक सही डायरेक्शन में ट्रांसफॉर्मेशन होने पर देश की टॉप 500 कंपनियों को 25 से 30 हजार लोगों की जरूरत पड़ेगी। ये नौकरियां इस सेक्टर में सबसे ज्यादा टैलेंटड नौकरों के लिए होंगी। आईबीएम ने पंजाब की लैमरिन टेक यूनिवर्सिटी और एम्प्लॉयबिलिटी.लाइफ के साथ एक एक डील की है। इस डील के मुताबिक यंगस्टर्स को इंटरनेशनल लेवल की इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एजुकेशन दी जाएगी।

आने वाला समय तकनीक का है


संजीव मेहता ने ये भी कहा कि जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुराई की जा रही है उसका आने वाले समय में सही इस्तेमाल हो तो वो देश के लिए बड़ी शक्ति साबित हो सकता है। ऐसा भी अनुमान है कि इसके कारण जीडीपी में 1.4 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। टॉप कंपनियों को ही AI की वजह से अगले पांच सालों में 2.5 लाख करोड़ रुपये तक का लाभ होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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शिक्षा नीति में बदलाव

केंद्र सरकार ने बदल रहे रोजगार अवसरों को देखते हुए बहुत तेजी से शिक्षा नीति में बदलाव किया है। इसका उद्देश्य है कि युवा अपने मनचाहे क्षेत्र में तकनीक शिक्षा हासिल कर सकें और उन्हें आगे बढ़ने के सारे अवसर मिले। यूजीसी ने भी कई नियमों में ढील दी है, जिससे युवाओं को कई क्षेत्रों में नई चीजें सीखने का अवसर मिलेगा।

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