उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में FIITJEE कोचिंग सेंटर बंद होने के बाद अब जिले के कई कोचिंग सेंटर और स्कूल जांच के दायरे में आ गए हैं। गाजियाबाद में जिला शिक्षा विभाग ने कोचिंग सेंटरों की जांच तेज कर दी है। बिना पंजीकरण के चल रहे कोचिंग सेंटरों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यूपी कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत ऐसे सेंटरों की पहचान कर उनपर कार्रवाई करने के निर्देश दिया गया हैं। अधिकारियों को सुनिश्चित करना है कि सभी कोचिंग सेंटर कानूनी नियमों का पालन करें।
बता दें, FIITJEE के राजनगर ब्रांच को शिक्षा विभाग की शिकायत के बाद बंद कर दिया गया। इस वजह से वहां पढ़ रहे सैकड़ों छात्रों का भविष्य फिलहाल अधर में लटक हुआ है। छात्रों से कोचिंग सेंटर ने काफी मोटी फीस ली थी।
कोचिंग सेंटरों पर जांच शुरू
गाजियाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) धर्मेंद्र शर्मा ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले के कोचिंग सेंटर अनिवार्य रूप से पंजीकृत हों। उन्होंने कहा कि "इस अभियान का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और बिना पंजीकरण वाले कोचिंग सेंटरों के अचानक बंद होने जैसी घटनाओं को रोकना है।" गाजियाबाद के राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर में चल रहे FIITJEE कोचिंग सेंटर को एफआईआर के बाद बंद कर दिया गया। यह सेंटर यूपी कोचिंग रेगुलेशन ऐक्ट 2002 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। यहां 800 छात्र 3.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की फीस देकर पढ़ाई कर रहे थे। परीक्षा से पहले सेंटर बंद होने से छात्रों और अभिभावकों को परेशानी हो रही है।
अधिकारियों ने स्कूलों की मान्यता की भी जांच शुरू कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को सख्त हिदायत दी है कि वे कानूनी नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हर हफ्ते देनी होगी रिपोर्ट
जिला शिक्षा विभाग ने निरीक्षण दलों को कोचिंग सेंटरों के रिकॉर्ड की जांच करने और बिना पंजीकरण चल रहे केंद्रों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी है। इन दलों को हर हफ्ते डीआईओएस कार्यालय को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि इस अभियान का मकसद शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों को उन संस्थानों की लापरवाही का खामियाजा नहीं उठाना चाहिए जो नियमों का पालन नहीं करते।