आज लोकसभा ने इंडियन अंटार्कटिक बिल 2022 पारित कर दिया है। यह बिल अंटार्कटिक क्षेत्र में भारत द्वारा स्थापित किए गए अनुसंधान स्टेशनों के लिए भारत के घरेलू कानूनों को विस्तार देता है । इस बिल के पास होने के तुरंत बाद सदन की कार्यवाई स्थगित कर दी गई। अब सदन की अगली बैठक सोमवार को होगी।
आज यानी शुक्रवार को जैसे ही 2 बजे लोकसभा की बैठक शुरु हुई वैसे ही इंडियन अंटार्कटिक बिल 2022 को सदन में बहस के लिए रखा गया। इस विधेयक का उद्देश्य अंटार्कटिक क्षेत्र के पर्यावरण तंत्र की रक्षा के लिए भारत की अपनी राष्ट्रीय नीति तय करना है।
इस बिल के जरिए अंटार्कटिक के लिए भारत के अभियान का हिस्सा बने लोगों द्वारा छोड़े गए कचरे के निष्पादन और वहां कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भारतीय कानूनों को लागू करने के प्रावधान किए गए हैं।
बता दें कि अंटार्कटिक में भारत के 2 रिसर्च स्टेशन है। इनके नाम मैत्री और भारती है। यहां पर रहकर भारतीय वैज्ञानिक अंटार्कटिक पर भोगौलिक और पर्यावरणीय अनुसंधान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि धरती के इस निर्जन इलाके में बड़ी मात्रा में अलग -अलग तरीकों के खनिजों का भंडारण है।
भारतीय वैज्ञानिक इन अनुसंधानों केंद्रों में रहकर यह जानने की कोशिश करते है कि हम यहां के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना किस तरह से यहां के संसाधनों पर दोहन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में भारत से लोगों के अलग-अलग दल, अलग-अलग अवधि के लिए इन स्टेशनों पर जाते हैं। इन केंद्रो पर भारतीय नियम और कानून लागू हों इसका प्रावधान आज के पारित बिल में किया गया है।
बता दें कि अंटार्कटिका में भारतीय मिशन पर गए लोगों की अनियमितता और अपराध जैसे मामलों पर भारत की अदालतों में फैसला करने के लिए यह बिल लाया जा रहा है। दरअसल अभी तक अंटार्कटिका में भारतीय अभियानों पर अंतरराष्ट्रीय कानून चलता था। वहीं पर्यावरण के हितों से जुड़ा यह बिल बेहद अहम है।
गौरतलब है कि अंटार्कटिक पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुव पर स्थित एक महाद्वीप है। यह बर्फ से ढ़का एक निर्जन क्षेत्र है। यह साफ पानी का दुनिया का सबसे बड़ा साधन है और यहां कई दुर्लभ जीव-जंतु पाए जाते हैं। इस इलाके में इंसान नहीं रहते हैं लेकिन दुनियाभर के वैज्ञानिक और पर्यावरणविद यहां रिसर्च के लिए पहुंचते हैं।