बिजली वितरण करने वाली कंपनियों (Discoms) को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार आगामी यूनियन बजट में 3 लाख करोड़ रुपये के पावर सप्लाई रिफॉर्म (power supply reform) की घोषणा कर सकती है। इस बीच, यूनियन पावर मिनिस्ट्री ने बिजली उपभोक्ता अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2020 के तहत बिजली उपभोक्ताओं को कुछ निश्चित अधिकार देने के नियम बना लिए हैं। बिजली मंत्रालय द्वारा बनाए गए नियमों के मुताबिक, बिजली वितरण करने वाली कंपनियों (Discoms) को उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करानी होगी, ऐसा नहीं होने पर इन कंपनियों को हर्जाना देना होगा।
बिजली मंत्री राजकुमार सिंह ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हम उपभोकर्ताओं को अधिकार के लिए कानून बनाने जा रहे हैं। यह कोई स्कीम नहीं है, बल्कि यह कानून होगा और परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड का पालन नहीं करने वाली और उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले Discoms पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोडशेडिंग पर कंपनियों को जुर्माना देना होगा और यह जुर्माना भारी होगा। हालांकि, एक्ट ऑउ गॉड (Act of God) के कारण बिजली गुल होने पर कंपनियों को हर्जाना नहीं देना होगा।
Discoms के घाटे को 12 से 15% कम करना मकसद
पावर सप्लाई रिफॉर्म (power supply reform) योजना को अटल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम इम्प्रूवमेंट योजना (Atal Distribution System Improvement Yojana) के नाम से जाना जाएगा। पावर सप्लाई रिफॉर्म का मकसद शुरुआती चरण में Discoms के घाटे को 12 से 15% तक कम करना है। इसके बाद मार्च 2025 तक बिजली उत्पादन करने में आने वाले खर्च और बिजली वितरण की दर के बीच के घाटे को शून्य (Zero) करना है। इस योजना का मकसद पावर सप्लाई की गुणवत्ता को भी सुधारना है। इस योजना में खर्च होने वाले 3 लाख करोड़ रुपये में केंद्र सरकार 60,000 करोड़ रुपये देगी और शेष 2 लाख 40 हजार करोड़ रुपये एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) और वर्ल्ड बैंक (World Bank) जैसी वैश्विक फंडिंग एजेंसियों से जुटाने की योजना है।
केंद्र सरकार ने सितंबर में तैयार किया था ड्राफ्ट
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सितंबर में मसौदा (Draft) तैयार किया था। सरकार ने इस ड्राफ्ट पर 30 सितंबर तक संबंधित विभागों, कंपनियों और लोगों से सुझाव मांगे थे। नए ड्राफ्ट में ग्राहकों को भरोसेमंद सेवा, बिजली कनेक्शन लेने को आसान बनाने, बिजली वितरण करने वाली कंपनियों की तरफ से सेवा में देरी होने पर मुआवजा देने और उपभोक्ताओं की शिकायत का समाधान करने के लिए 24X7 काम करने वाला कॉल सेंटर शुरू करने का प्रावधान करने की बात कही गई है।
देर से बिल भेजने पर 5% छूट का प्रावधान
विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) के बिजली उपभोक्ता अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2020 (Electricity Consumer rights protection act, 2020) के ड्राफ्ट के मुताबिक अगर यह कानून बनता है तो ग्राहक जल्द ही सिर्फ दो डॉक्यूमेंट्स की मदद से बिजली का कनेक्शन ले सकेंगे। इतना ही नहीं, अगल बिजली वितरण कंपनी (Discoms) देर से इलेक्ट्रिसिटी बिल भेजेगी तो ग्राहकों को कोई फाइन नहीं देना होगा और बिजली बिल पर 5% तक की छूट भी मिलेगी।
कितनी बार बिजली कटेगी, बताना होगा
बिजली उपभोक्ता अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2020 के ड्राफ्ट के मुताबिक, बिजली वितरण कंपनियों को यह भी तय करना होगा कि प्रति उपभोक्ता हर साल औसत बिजली कटौती कितनी बार होगी और कितनी देर के लिए होगी। इसके लिए एक शिकायत निवारण फोरम बनाने का प्रावधान किया गया है। इस फोरम में विभिन्न स्तर पर उपभोक्ताओं के 2-3 प्रतिनिधि होंगे, जिसकी शुरुआत सब-डिवीजन स्तर से होगी। अब 10 किलोवॉट तक का कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को मात्र दो दस्तावेज देने की जरूरत होगी। इन दस्तावेजों मे एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र शामिल है। बिजली बिल का पेमेंट कैश, चेक, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग से कर सकेंगे। लेकिन 1000 रुपये या इससे अधिक का बिल सिर्फ ऑनलाइन जमा होगा।
तय समय में मिलेगा नया कनेक्शन
बिजली मंत्रालय ने बिजली का नया कनेक्शन देने के लिए समयसीमा भी निर्धारित की है। बड़े शहरों में यह अवधि 7 दिन से ज्यादा नहीं होगी। वहीं, नगर महापालिका क्षेत्रों में इसके लिए 15 दिन दिए गए हैं। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिनों के भीतर बिजली का कनेक्शन देना अनिवार्य किया गया है। सरकार ने नया कनेक्शन देने और मौजूदा कनेक्शन को बदलने के लिए डेडलाइन तय की है।
ये सुविधाएं भी मिलेंगी
बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) के लिए प्रति वर्ष उपभोक्ताओं की औसत संख्या और आउटेज की अवधि तय करने के लिए एक राज्य विद्युत नियामक आयोग (SERC) का गठन किया जाएगा। वहीं, उपभोक्ताओं के लिए 24X7 टोल फ्री कॉल सेंटर भी शुरू होगा। नया कनेक्शन लेने, कनेक्शन कटवाने, कनेक्शन को शिफ्ट कराने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा। लोड बढ़वाने और मीटर बदलवाने जैसी सेवाएं भी इस ऐप से ली जा सकेगी।
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