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Elon Musk's X: एक्स ने सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, गैरकानूनी सेंसरशिप का आरोप लगाया

Elon musk: एक्स ने कहा है कि सरकार के आईटी एक्ट के सेक्शन 79(3)(बी) और सहयोग पोर्टल के इस्तेमाल से गैरकानूनी सेंशरशिप की स्थिति बन गई है। ऐसा करना नियम के खिलाफ है। एक्स कॉर्प ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि सरकार सेक्शन 79(3)(बी) की गलत व्यवख्या कर कंटेंट हटाने का आदेश देती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 20, 2025 पर 1:27 PM
Elon Musk's X: एक्स ने सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, गैरकानूनी सेंसरशिप का आरोप लगाया
यह याचिका केंद्र सरकार के X को यह कहने के बाद दाखिल की गई है कि उसे अपने एआई चैटबॉट Grok की तरफ से जेनरेट रिस्पॉन्स पर सफाई पेश करनी पड़ेगी।

एलॉन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी एक्स ने सरकार के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें सरकार पर सेंसरशिप का आरोप लगाया है, जो नियमों के खिलाफ है। एक्स ने कहा है कि सरकार के आईटी एक्ट के सेक्शन 79(3)(बी) और सहयोग पोर्टल के इस्तेमाल से गैरकानूनी सेंशरशिप की स्थिति बन गई है। ऐसा करना नियम के खिलाफ है। एक्स कॉर्प ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि सरकार सेक्शन 79(3)(बी) की गलत व्यवख्या कर कंटेंट हटाने का आदेश देती है।

सरकार का कदम सेक्शन 69ए के मुताबिक नहीं

X Corp की दलील है कि सरकार का ऐसा करना सेक्शन 69ए के मुताबिक नहीं है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने इकलौता वैलिड लीगल फ्रेमवर्क बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने श्रेया सिंघर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के 2025 के मामले में कहा था कि ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए सिर्फ इस लीगल वैलिड फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। मनीकंट्रोल ने एक्स की याचिका की कॉपी देखी है। यह याचिका केंद्र सरकार के X को यह कहने के बाद दाखिल की गई है कि उसे अपने एआई चैटबॉट Grok की तरफ से जेनरेट रिस्पॉन्स पर सफाई पेश करनी पड़ेगी।

27 मार्च को होगी मामले की अगली सुनवाई

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