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Maidaan Story: पूर्व भारतीय फुटबॉल कोच जिनकी टीम का मैच देखने पहुंचे थे नेहरू, अजय देवगन दिखाने जा रहे हैं इस दिग्गज की कहानी

Maidaan ऐसे भारतीय फुटबॉलर की कहानी है जिन्होंने भारत का पूरी दुनिया में लोहा मनवाया। कम सोर्सेस के बावजूद वो देश को आगे तक लेकर गए। 1950 के बाद से भारतीय फुटबॉल की कमान संभालने वाले सैय्यद अब्दुल रहीम की कहानी अजय देवगन लेकर आ रहे हैं। जानिए कौन थे रहीम साहब-

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 10, 2024 पर 9:24 AM
Maidaan Story: पूर्व भारतीय फुटबॉल कोच जिनकी टीम का मैच देखने पहुंचे थे नेहरू, अजय देवगन दिखाने जा रहे हैं इस दिग्गज की कहानी
अजय देवगन मैदान में इस दिग्गज फुटबॉल कोच की कहानी बताने जा रहे हैं

Maidaan Story: भारत में फुटबॉल (Indian Football) को लेकर इन दिनों मुहिम छिड़ गई है। भले ही दूसरे देशों के मुकाबले भारत में फुटबॉल (Asian Football) का उतना विकास नहीं हो पाया है लेकिन तेजी फुटबॉल को देशभर में प्रमोट किया जा रहा है। जब भारत में फुटबॉल की बात की जाती है तो एक नाम कभी नहीं भुलाया जा सकता। ये नाम है सैय्यद अब्दुल रहीम (Syed Abdul Rahim) का। पहली बार इस पूर्व इंडियन फुटबॉल कोच (Football Coach) का नाम फिर से लोगों की जुबां पर चढ़ने वाला है। अजय देवगन (Ajay Devgn) की अपकमिंग फिल्म मैदान (Maidaan Release) इसी दिग्गज कोच की फाइटिंग स्पीरिट पर बेस्ड है। Maidaan को 11 अप्रैल को रिलीज किया जा रहा है जबकि 10 अप्रैल को उसके सिर्फ इवनिंग शोज रखे गए हैं।

Syed Abdul Rahim इंडियन फुटबॉल कोच 

सैय्यद अब्दुल रहीम को प्यार से रहीम साहब भी बुलाया जाता था। जन्म हैदराबाद में 17 अगस्त 1909 को हुआ। उन्होंने कई फुटबॉल टीमों को रिप्रेजेंट किया था और बतौर टीचर कई इंस्टीट्युशंस में काम किया। इनमें काचीगुड़ा मिडल स्कूल, ऊर्दू शरीफ स्कूल, दारुल उल उलूम हाई स्कूल और चादरघाट हाई स्कूल का नाम शामिल है।

फुटबॉल कोच के रूम में रहीम साहब की एंट्री

रहीम की फुटबॉल कोचिंग में 1943 में एंट्री हुई। वो हैदराबाद फुटबॉल एसोसिएशन में शामिल हो गए। 1950 में उन्हें हैदराबाद पुलिस का कोच बनाया गया। उनके मार्गदर्शन में टीम ने लगातार पांच बार रोवर कप जीता और चार बार डूरंड कप को भी अपने नाम किया। उनके फुटबॉल कोचिंग करियर में 1950 के बाद को सबसे शानदार माना जाता है। उन्होंने टीम को 13 सालों तक ट्रेन किया। इस दशक को इंडियन फुटबॉल का स्वर्णिम युग भी कहा जाता है।

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