Laapataa Ladies for oscar 2025: 'फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया' ने बताया कि किरण राव की 'लापता लेडीज' को ऑस्कर पुरस्कार 2025 के लिए आधिकारिक तौर पर चुना गया है। पितृसत्ता पर हल्के-फुल्के व्यंग्य से भरपूर इस हिंदी फिल्म को 29 फिल्मों में से चुना गया है। इनमें बॉलीवुड की हिट फिल्म 'एनिमल', मलयालम की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता 'अट्टम' और कान फिल्म महोत्सव की विजेता 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय फिल्म कैटेगरी में शामिल होने की दौड़ में 29 फिल्मों में हिंदी फिल्म 'श्रीकांत', तमिल फिल्म 'वाजहाई' और 'तंगलान' तथा मलयालम फिल्म 'उल्लोझुक्कु' थीं। मार्च में रिलीज हुई "लापता लेडीज" 2001 में ग्रामीण भारत में दो दुल्हनों की दिल छू लेने वाली कहानी है जिनकी एक ट्रेन यात्रा के दौरान अदला-बदली हो जाती है। फिल्म का निर्माण किरण राव के किंडलिंग प्रोडक्शंस, आमिर खान प्रोडक्शंस और जियो स्टूडियोज ने किया है।
ऑस्कर जीतने वाले भारतीयों की लिस्ट
अब तक 10 भारतीयों को ऑस्कर मिल चुका है। भानु अथैया (Bhanu Athaiya) ने साल 1982 में 'गांधी' फिल्म में बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन के लिए पुरस्कार जीता था। जबकि आखिरी पुरस्कार कार्तिकी गोंसाल्वेस और गुनीत मोंगा ने अपनी डॉक्यूमेट्री फिल्म 'एलीफ़ेंट व्हिस्परर्स' के लिए ऑस्कर अवॉर्ड जीता था।
मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान एकमात्र ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने दो बार ऑस्कर पुरस्कार जीता है। इस बार 97वें अकादमी पुरस्कार समारोह का आयोजन 2 मार्च, 2025 को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में होगा।
करीब 13 साल के अंतराल के बाद 'लापता लेडीज' के साथ निर्देशन की दुनिया में लौटीं किरण राव ने कहा कि वह और उनकी टीम बड़े उत्साह के साथ इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। राव ने मुंबई में विभिन्न वर्गों के लोगों पर केंद्रित 2010 में आई फिल्म 'धोबी घाट' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इस हिंदी फिल्म को 2023 टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाया गया था।
ऑस्कर में भेजी गईं भारतीय फिल्में
ऑस्कर अवॉर्ड का आगाज साल 1927 में हुआ था। साल 1929 में पहली बार पुरस्कार का वितरण शुरू किया गया। इस विश्व प्रसिद्ध एकडेमी अवॉर्ड में भारतीय फिल्मों की एंट्री पहली बार साल 1957 में हुई थी। लापता लेडीज के एंट्री के साथ, ऑस्कर में 'अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म' कैटेगीर में कुल 57 भारतीय फिल्में नामांकित हुई हैं।
ऑस्कर नामांकन पाने वाली पहली भारतीय फिल्म वर्ष 1957 में महबूब खान की 'मदर इंडिया' थी।अब तक, केवल तीन भारतीय फिल्में इस कैटेगरी में ऑस्कर नामांकितों की अंतिम सूची में जगह बना पाई हैं, उनमें मदर इंडिया (1958), सलाम बॉम्बे (1989), और लगान (2001) शामिल है। हालांकि, किसी भी भारतीय फिल्म ने ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म का पुरस्कार नहीं जीत पाया है।