Mollywood sexual Abuse Row: जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट में महिलाओं के उत्पीड़न के चौंकाने वाले खुलासे से मची हलचल के बीच मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल ने एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (AMMA) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने कई सदस्यों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के मद्देनजर मूवी आर्टिस्ट्स के अध्यक्ष और दिग्गज अभिनेता मोहनलाल के अलावा AMMA के सभी पदाधिकारियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स की कार्यकारी समिति को मंगलवार (27 अगस्त, 2024) को भंग कर दिया गया। यह निर्णय AMMA के सदस्यों के खिलाफ महिलाओं द्वारा यौन शोषण और दुर्व्यवहार के बढ़ते आरोपों के बीच लिया गया है।
एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि मौजूदा प्रशासनिक समिति ने आरोपों को लेकर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है। बयान के अनुसार, आम सभा की बैठक बुलाए जाने के बाद दो महीने के भीतर नई प्रशासनिक समिति चुनी जाएगी। पीटीआई के मुताबिक, बयान में आगे कहा गया है कि एसोसिएशन ने उसकी आलोचना करने और उसमें सुधार लाने के लिए सभी का आभार जताया।
इससे पहले, यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद फिल्म निर्माता रंजीत ने केरल फिल्म एकेडमी के अध्यक्ष पद से और अभिनेता सिद्दीक ने एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (एएमएमए) के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
कई अभिनेताओं पर यौन उत्पीड़न के लगाए गए आरोप
रिपोर्ट में महिलाओं के उत्पीड़न के चौंकाने वाले खुलासों का सामना कर रहे मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में सोमवार (26 अगस्त) को उस समय और खलबली मच गयी, जब अन्य महिला कलाकार भी यौन उत्पीड़न के आरोपों के साथ सामने आईं। कुछ फिल्मों में नजर आ चुकीं अभिनेत्री मीनू मुनीर ने अभिनेता से विधायक बने एम. मुकेश, जयसूर्या, मणियांपिल्ला राजू और इदावेला बाबू के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए। वहीं, एक अन्य प्रसिद्ध अभिनेत्री ने भी एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता पर कई साल पहले दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। हालांकि, फिल्म निर्माता ने आरोपों से इनकार किया है।
पीटीआई के मुताबिक मीनू मुनीर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, "मैं मलयालम फिल्म उद्योग में मुकेश, मणियांपिल्ला राजू, इदावेला बाबू, जयसूर्या, चंद्रशेखरन, प्रोडक्शन सहायक नोबल और विचू द्वारा मेरे साथ किए गए शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार की घटनाओं के बारे में (पुलिस को) बयान देने को तैयार हूं।" उन्होंने दावा किया, "वर्ष 2013 में एक फिल्म पर काम करते समय मुझे इन व्यक्तियों द्वारा शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा था।"
मणियांपिल्ला राजू को छोड़कर किसी भी अभिनेता ने मुनीर के आरोपों का जवाब नहीं दिया है। इसके अलावा, एक जूनियर कलाकार ने अभिनेता बाबूराज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। बाबूराज ने आरोपों को खारिज करते हुए संदेह जताया कि फिल्म इंडस्ट्री में निहित स्वार्थ इसके पीछे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह आरोप उन्हें AMMA का महासचिव बनने से रोकने का एक प्रयास था।
कांग्रेस का वाम सरकार पर बड़ा आरोप
केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता वी.डी.सतीसन ने आरोप लगाया कि राज्य की वाम सरकार मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने वालों को बचाने की कोशिश कर रही है। इसलिए जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट पर जांच की पहल नहीं कर रही। मुकेश के खिलाफ खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिन्दु ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ किसी भी आरोप की तथ्यात्मक आधार पर जांच होनी चाहिए।
आरोपों की जांच कराने की मांग
इस बीच, अभिनेता मणियांपिल्ला राजू ने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में सामने आ रहे आरोपों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कई और खुलासे होंगे और उनके पीछे कई हित शामिल होंगे। राजू ने कहा, "कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। आरोपियों में निर्दोष और दोषी दोनों होंगे। इसलिए एक विस्तृत जांच जरूरी है।"
फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार पर बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। सीएम ने महिला कलाकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एक सात सदस्यीय SIT गठित करने की घोषणा की।
वर्ष 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के बाद केरल सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के उत्पीड़न एवं शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।