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ऑनलाइन गेमिंग पर कसेगा शिकंजा, गेमिंग प्लेटफार्म को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कमिटी का गठन

ऑनलाइन गेमिंग दुनिया में करीब 200 अरब डॉलर की इंडस्ट्री हो गई है। हालांकि भारत में ये अभी भी शुरुआती स्टेज में है। यहां इस इंडस्ट्री का आकार 1.8 से 2 अरब डॉलर के आसपास है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 27, 2022 पर 9:38 AM
ऑनलाइन गेमिंग पर कसेगा शिकंजा, गेमिंग प्लेटफार्म को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कमिटी का गठन
ऑनलाइन गेमिंग के साथ जोखिम भी है। इन जोखिमों से निपटने के लिए ही सरकार ने गेमिंग प्लेटफार्म को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कमिटी का गठन किया है

सरकार ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म जैसे dream11, MPL,ऑनलाइन रमी, तीन पत्ती को रेगुलेट करने की तैयारी कर रही है। सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों से जानकारी मिली है कि ऑनलाइन गेमिंग पर अंतरराष्ट्रीय नियमों की स्टडी के लिए सरकार ने कमिटी बनाई है। ये कमिटी 3 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। इस कमिटी में नीति आयोग समेत 6 मंत्रालय शामिल हैं। इसमें गृह मंत्रालय, I&B,IT और यूथ अफेयर मंत्रालय शामिल हैं। कमिटी ही बताएगी कौन रेगुलेटर होगा। ये गेमिंग के एडिक्शन पर भी अपनी रिपोर्ट देगी। बता दें कि अभी तक देश में ऑनलाइन गेमिंग का कोई कानून नहीं है।

सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री की निगरानी के लिए एक मंत्रालय की पहचान करने के भी निर्देश दिए हैं। ये मंत्रालय ही ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े नियम-कानून बनाएगा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। गेमिंग इंडस्ट्री के लिए सेंट्रलाइज्ड कानून बनने से देश में गेमिंग का पूरा इकोसिस्टम बनने के साथ ही गेमर्स के अधीकारों की भी रखा होगी। सरकारी कानून अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले ई-स्पोर्ट्स प्लेयर्स के हितों की देखभाल करेंगे।

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गौरतलब है कि ऑनलाइन गेमिंग दुनिया में करीब 200 अरब डॉलर की इंडस्ट्री हो गई है। हालांकि भारत में ये अभी भी शुरुआती स्टेज में है। यहां इस इंडस्ट्री का आकार 1.8 से 2 अरब डॉलर के आसपास है। हालांकि यह तेजी से बढ़ रहा है और 2025 तक इसके 5अरब डॉलर का हो जाने का अनुमान है। पिछले साल लॉकडाउन में ऑनलाइन गेम खेलने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी थी। लॉकडाउन के बाद खेलने वालों की संख्या में तो खास गिरावट नहीं आई, लेकिन खेलने का समय घटा है। भारत में 40 से 45 करोड़ लोग गेम खेलते हैं। यह चीन के बाद सबसे अधिक है। देश में करीब 400 ऑपरेटर लोगों को ऑनलाइन गेम उपलब्ध कराते हैं। ऑनलाइन गेमिंग के साथ  जोखिम भी है। इन जोखिमों से निपटने के लिए ही सरकार ने गेमिंग प्लेटफार्म को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कमिटी का गठन किया है।

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