Samantha Ruth Prabhu: सामंथा रुथ प्रभु को हुआ चिकनगुनिया, एक्ट्रेस ने किया खुलासा, जानें कितना है खतरनाक

Samantha Ruth Prabhu: सामंथा रुथ प्रभु साउथ की सबसे महंगी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। उन्हें चिकनगुनिया हो गया था। फिलहाल एक्ट्रेस रिकवर कर रही हैं। उन्होंने एक पोस्ट कर खुलासा किया है कि वे कौन सी थेरेपी से ठीक हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जोड़ों में दर्द अब भी हो रहा है

अपडेटेड Jan 16, 2025 पर 10:55 AM
Samantha Ruth Prabhu: सामंथा ने बताया कि चिकनगुनिया हो गया था। इसके लिए रेड लाइट थेरेपी करवाई है।

एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु की सेहत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया कि उन्हें चिकनगुनिया हो गया है। एक्ट्रेस ने शेयर किया कि वह इससे उबर रही हैं। मंथा ने एक क्लिप पोस्ट की, जिसमें वह जिम के अंदर वर्कआउट करती नजर आ रही हैं। कसरत करते समय उन्होंने बैंगनी रंग की ड्रेस पहनी है। उनकी पीठ कैमरे की ओर थी। क्लिप को शेयर करते हुए सामंथा ने लिखा, 'चिकनगुनिया से उबरना बहुत मजेदार है। उन्होंने लिखा कि जोड़ों में दर्द अभी भी हो रहा है।

बता दें कि चिकनगुनिया एक वायरस है। यह मच्छरों के काटने से फैलता है। ज्यादातर लोगों में मच्छर काटने के तीन से सात दिनों के भीतर इसके लक्षण नजर आने लगते हैं। इसमें आमतौर पर बुखार और जोड़ों में दर्द होता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक चिकनगुनिया की बीमारी ठीक होने के बाद भी जोड़ों का दर्द परेशान करता रहता है। इसके जाने के कई हफ्ते, महीने और साल तक यह परेशान कर सकता है। इसके अलावा जोड़ों में सूजन, मसल्स पेन और सिरदर्द की दिक्कत भी हो सकती है।

सामंथा ले रहीं रेड लाइट थेरेपी


एक्ट्रेस ने अब सोशल मीडिया पर अपना हेल्थ अपडेट शेयर किया है। अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में, सामंथा ने रेड लाइट थेरेपी रूम के पास अपनी एक हैप्पी तस्वीर शेयर की है। ये थेरेपी चिकनगुनिया के लंबे समय तक रहने वाले प्रभाव से राहत पाने के उनके हॉलिस्टिक अप्रोच का हिस्सा है। इस थेरेपी को अक्सर स्किन कंडीशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रेड लाइट की लो लेवल की किरणों को त्वचा पर लगाया जाता है। यह एक तरह से फोटोथेरेपी है। जिससे लोगों को झुर्रियां, झाइयां और स्किन एजिंग से फायदा मिलता है। हालांकि इसके रिजल्ट, फायदे और आशंकित दुष्प्रभावों पर अभी ज्यादा रिसर्च होना बाकी है।

1963 में भारत में पहली बार मिला चिकनगुनिया का मामला

करीब 60 साल पहले 1963 में भारत में चिकनगुनिया का पहला केस सामने आया था। हालांकि यह पहली बार चिंता का विषय साल 2006 में बना, जब देश में अचानक इसके मामले तेजी से बढ़ने लगे। इसमें पीठ में बहुत दर्द होता है। इसलिए इसे बैक ब्रेकिंग फीवर (Back Breaking Fever) के नाम से भी जाना जाता है।

जानिए चिकनगुनिया कैसे फैलता है

इस वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने पर लोगों को चिकनगुनिया हो जाता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। हालांकि, किसी संक्रमित व्यक्ति को काटने पर मच्छर वायरस से संक्रमित हो जाता है। इसलिए अगर किसी को संक्रमण है तो वायरस को दूसरों तक फैलने से रोकने के लिए मच्छर के काटने से बचें।

चिकनगुनिया से बचाव के लिए लगवाएं वैक्सीन

चिकनगुनिया से बचाव के लिए वैक्सीन भी लगवा सकते हैं। साल 2023 के आखिरी में अमेरिकन फूड एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने चिकनगुनिया के लिए ‘IXCHIQ’ नाम की एक वैक्सीन को मंजूरी दी है। इस वैक्सीन को 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए मंजूरी दी गई है। इसलिए बच्चों के मामले में अभी तक सावधानी बरतना ही बचाव का मुख्य उपाय है।

सामंथा को साल 2022 में मायोसिटिस का पता चला था

बता दें कि सामंथा को पिछले साल भी अपनी हेल्थ से जुड़े इश्यू से जूझते हुए देखा गया था। दरअसल साल 2022 में, उन्हें मायोसिटिस का पता चला था। ये एक ऑटोइम्यून स्थिति होती है जो मांसपेशियों की ताकत को प्रभावित करती है। एक्ट्रेस अपनी हेल्थ इश्यू और इसके चलते लाइफ और करियर पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में खुलकर बात करती रही हैं।

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