The Kerala Story: सुप्रीम कोर्ट का 'द केरल स्टोरी' पर रोक लगाने से इनकार, फिल्म के 10 सीन्‍स को किया गया डिलीट

The Kerala Story: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म 'द केरल स्टोरी' की रिलीज पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई से मंगलवार को इनकार कर दिया। इस बीच, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्‍म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्‍म पर कैंची चलाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBFC ने इस फिल्‍म में करीब 10 कट लगाए हैं और फिल्‍म को 'A' सर्टिफिकेट के साथ रिलीज होने की अनुमति दे दी है

अपडेटेड May 02, 2023 पर 2:42 PM
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The Kerala Story: अब सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 10 सीन में बदलाव करने के साथ 'A' सर्टिफिकेट दे दिया है

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फिल्म 'द केरल स्टोरी (The Kerala Story)' की रिलीज पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई से मंगलवार को इनकार कर दिया। बता दें कि 5 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही डायरेक्‍टर सुदीप्‍तो सेन की फिल्‍म 'द केरल स्‍टोरी' विवादों में है। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर देश में सियासी तूफान मच गया है। जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की खंडपीठ ने कहा कि इंटरलोक्यूटरी आवेदन के माध्यम से फिल्म की रिलीज को चुनौती देना उचित उपाय नहीं है। यह आवेदन लंबित रिट याचिका में दायर किया गया, जो अभद्र भाषा के अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दायर की गई थी। बता दें कि यह फिल्म शुक्रवार 5 मई को रिलीज हो रही है।

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल तथा वकील निजाम पाशा ने पीठ को सूचित किया कि फिल्म के ट्रेलर को एक करोड़ 60 लाख बार देखा गया है। वकील पाशा ने कहा कि यह फिल्म घृणा फैलाने वाले भाषण का सबसे बदतर उदाहरण है। विशुद्ध तौर पर यह ऑडियो विजुअल दुष्प्रचार है।

पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि घृणा भाषण भी कई प्रकार के होते हैं। इस फिल्म को सर्टिफिकेट मिला है और बोर्ड ने इसे मंजूरी दी है। यह ऐसा नहीं है कि कोई व्यक्ति मंच पर चढ़ गया और अनाप-शनाप भाषणबाजी करने लगा। अगर आपको फिल्म की रिलीज को चुनौती देनी है तो आपको प्रमाणपत्र को चुनौती देनी चाहिए और वह भी उचित मंच के माध्यम से।


इस पर वकील सिब्बल ने कहा कि जो जरुरी होगा, वह सब करेंगे। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि याचिकाकर्ता को पहले हाई कोर्ट जाना चाहिए। इस पर वकील पाशा ने कहा कि फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है, ऐसे में वक्त नहीं है।

पीठ ने कहा, ‘यह कोई आधार नहीं है। ऐसे तो हर कोई सुप्रीम कोर्ट आने लगेगा।’ पाशा ने कहा कि इसीलिए उन्होंने घृणा भाषण मामले में हस्तक्षेप अर्जी दाखिल की है। बता दें कि यह फिल्म केरल में हो रहे कथित धर्मांतरण पर आधारित है।

फिल्म को मिला 'A' सर्टिफिकेट

विवाद के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्‍म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्‍म पर कैंची चलाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBFC ने इस फिल्‍म में करीब 10 कट लगाए हैं और फिल्‍म को 'A' सर्टिफिकेट के साथ रिलीज होने की अनुमति दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, सेंसर बोर्ड की जांच कमेटी ने फिल्म देखने के बाद निर्माताओं को आदेश दिया है कि इससे केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री के टीवी पर दिए गए पूरे इंटरव्यू को हटाया जाए, जिसमें वह युवाओं के इस्लाम अपनाने की बात कह रहे हैं।

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दरअसल, इंटरव्यू में एक पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगले दो दशकों में केरल एक मुस्लिम बहुल राज्य बन जाएगा, क्योंकि युवाओं को इस्लाम अपनाने के लिए प्रभावित किया जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म से कई ऐसे सीन हटाए गए हैं, जो सांप्रदायिक सौहाद्र के हिसाब से सही नहीं समझे गए। फिल्‍म में उन सीन्‍स पर सेंसर बोर्ड की कैंची चली है, जिनमें कथ‍ित तौर पर 'हिंदू देवताओं के बारे में गलत संदर्भ और अनुचित डायलॉग्‍स' थे।

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