Flipkart, Amazon, Tata 1mg सहित 20 ई-फार्मेसी को ड्रग रूल्स का उल्लंघन करने पर मिला DGCI का नोटिस

DCGI ने e-pharmacies को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे नोटिस जारी होने की तारीख से 02 दिनों के अंदर कारण बताएं कि आपके खिलाफ बिक्री, या स्टॉक या प्रदर्शन या बिक्री की पेशकश या दवाओं के वितरण के संबंध में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने के लिए क्याों कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए

अपडेटेड Feb 11, 2023 पर 9:28 AM
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डॉ जहीर अहमद बनाम भारत सरकार और अन्य के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए शीर्ष ड्रग रेगुलेटर ने ये नोटिस जारी किया है

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drug Controller General of India (DCGI) ने 10 फरवरी को देश में 20 ई-फार्मेसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ड्रग रेगुलेटर ने ऑनलाइन फार्मेसीज से यह बताने को कहा है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 (Drugs and Cosmetics Act 1940) के प्रावधानों के उल्लंघन करके ड्रग्स बेचने और वितरण करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। टाटा1एमजी (Tata1mg), फ्लिपकार्ट हेल्थप्लस (Flipkart Health+) और एमजॉन (Amazon) ऐसी ई-फॉर्मेसीज हैं जिन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। लेकिन इन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

ड्रग रेगुलेटर के नोटिस में कहा गया है कि बिना लाइसेंस के ऑनलाइन, इंटरनेट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से दवाओं की बिक्री, या स्टॉक या प्रदर्शन या बिक्री या वितरण की पेशकश से दवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। खुद से दवा लेना, दवाओं का संभावित दुरुपयोग, दवाओं का अंधाधुंध उपयोग से सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा होता है।

"इसके मद्देनजर, आपको यह नोटिस जारी होने की तारीख से 02 दिनों के अंदर कारण बताने के लिए कहा जाता है कि आपके खिलाफ बिक्री, या स्टॉक या प्रदर्शन या बिक्री की पेशकश या दवाओं के वितरण के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की जाये।" ई-फार्मेसी को जारी डीसीजीआई के नोटिस में ऐसा कहा गया है। इसकी कॉपी मनीकंट्रोल के पास है।


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DCGI वीजी सोमानी ने कहा कि अगर कंपनी ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया, तो यह माना जाएगा कि उनके पास इस मामले में कहने के लिए कुछ नहीं है। इसके बाद बिना किसी नोटिस के उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

शीर्ष ड्रग रेगुलेटर ने डॉ जहीर अहमद बनाम भारत सरकार और अन्य के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया है।

ई-फार्मेसियों को दी गई नोटिस की कॉपी में आदेश के अंश का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है, "प्रतिवादियों को बिना लाइसेंस के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री से रोक दिया जाता है। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाता है कि अगले आदेश तक इसे तत्काल प्रतिबंधित किया जाए।"

डीजीसीआई ने कहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए ड्रग रेगुलेटर के निर्देश के बाद भी ई-फार्मेसी बिना लाइसेंस के ऑनलाइन दवाएं बेचते हुए पाई गईं।

 

 

 

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