Noida Metro: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों अब जल्द ही दिल्ली एयरपोर्ट के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी के अन्य हिस्सों में ही बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार (25 जून) को एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर के 11 किलोमीटर लंबे विस्तार को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने प्रस्तावित विस्तार की डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है, जो सेक्टर 142 से शुरू होकर नोएडा के बॉटनिकल गार्डन तक जाएगी। एक्वा लाइन के सेक्टर 142 से सेक्टर 37 बॉटनिकल गार्डन तक नए कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
11.56 किलोमीटर लंबी ये मेट्रो लाइन दिल्ली मेट्रो और एक्वा लाइन यानी नोएडा मेट्रो को जोड़ेगी। नए मेट्रो कॉरिडोर से ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि नोएडा मेट्रो का यह विस्तार दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन के माध्यम से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल 1) से सुविधाजनक और परेशानी मुक्त सीधा संपर्क प्रदान करेगा।
यह ब्लू लाइन के माध्यम से दिल्ली में प्रमुख भारतीय रेलवे स्टेशनों से भी जुड़ेगा। नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेकट्र लोकेश एम ने कहा कि यह कॉरिडोर नोएडा-ग्रेटर नोएडा से दिल्ली और इसके विपरीत यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, "शुरुआती चरण में इसकी सवारियों की संख्या लगभग 80,000 होने की उम्मीद है। बॉटनिकल गार्डन स्टेशन 3 लाइनों के लिए एक बड़ा इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा। इस मंजूरी के बाद, अगला महत्वपूर्ण कदम डीपीआर को अंतिम मंजूरी और वित्त पोषण के लिए भारत सरकार को भेजना है।"
इस परियोजना के तहत कुल 8 स्टेशन बॉटनिकल गार्डन होंगे, जिनमें नोएडा सेक्टर 44, नोएडा ऑफिस, नोएडा सेक्टर 97, नोएडा सेक्टर 105, नोएडा सेक्टर 108, नोएडा सेक्टर 93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज आएंगे। यह रूट्स मौजूदा नोएडा सेक्टर 142 स्टेशन पर समाप्त होगा।
बॉटनिकल गार्डन एनएमआरसी की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा और ब्लू लाइनों के बीच एक इंटरचेंज स्टेशन के रूप में काम करेगा। इसकी कुल लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी और परियोजना की अनुमानित लागत 2,254.35 करोड़ रुपये है।
नए मेट्रो कॉरिडोर से शहर में सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती मांग को भी पूरा करने की उम्मीद है। नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 11.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने का काम सौंपा था।