सरकार तीन सड़क परियोजनाओं के लिए कैपिटल मार्केट से 2,500 करोड़ रुपये जुटायेगी

तीनों परियोजनाओं के लिए पैसा Infrastructure Investment Trusts (InvITs) के जरिए जुटाये जाने की सरकार की योजना है

अपडेटेड Oct 03, 2022 पर 1:58 PM
InvITs म्यूचुअल फंड्स की तरह के इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं जिन्हें निवेशकों से पैसा इकट्ठा करने और एसेट्स में निवेश करने के लिए डिजाइन किया गया है

सरकार तीन सड़क परियोजनाओं के लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए इस महीने कैपिटल मार्केट से संपर्क करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज सोमवार 3 अक्टूबर को ये जानकारी दी। सरकारी अधिकारी ने कहा कि पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (Infrastructure Investment Trusts (InvITs) के जरिए जुटाया जाएगा।

नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने पीटीआई से कहा, "हम तीन सड़क परियोजनाओं के लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए इस महीने कैपिटल मार्केट से संपर्क करेंगे।"

इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) म्यूचुअल फंड्स की तरह के इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं। इन्हें निवेशकों से पैसा इकट्ठा करने और एसेट्स में निवेश करने के लिए डिजाइन किया गया है जो आने वाले समय में कैश फ्लो उपलब्ध करायेंगे।


गौरतलब है कि पिछले साल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India) के पहले infrastructure investment trust ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पहले कहा था कि NHAI InvIT ने दो इंटरनेशनल पेंशन फंड, कैनेडियन पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान बोर्ड को आकर्षित किया था। जिन्होंने विविध DII के साथ-साथ InvIT पोर्टफोलियो में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की यूनिट्स का निवेश किया। InvIT पोर्टफोलियो में वर्तमान में 5 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद में अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों को InvIT पोर्टफोलियो में शामिल किया जाएगा। इसका कारण ये है कि लंबी अवधि के लिए रेवन्यू जुटाने वाले एसेट्स, जैसे कि टोल रोड, InvIT structure के तहत स्थिर और दीर्घकालिक यील्ड देते हैं।

InvIT एक इंस्ट्रूमेंट के रूप में निवेशकों को अधिक लचीलापन प्रदान करता है। भारतीय राजमार्ग बाजार (Indian highway marke) में ज्यादा समय (जैसे 20-30 वर्षों के लिए) कैपिटल आने की उम्मीद है। इसमें निवेशक निर्माण जोखिम के विपरीत ऐसे एसेट में निवेश करने में रुचि रखते हैं जो रिटर्न के लिहाज से दीर्घकालिक स्थिरता देते हैं।

नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (National Monetisation Pipeline (NMP) के तहत एनएचएआई की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। पिछले साल अगस्त में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित NMP योजना के तहत वित्त वर्ष 25 तक 4 सालों के लिे 1.60 लाख करोड़ रुपये के रोड एसेट को मोनेटाइज किया जाएगा।

 

 

 

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