भारत अपने प्रतिस्पर्धा कानून (competition law) में बदलाव करने की तैयारी में है जिससे कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों को तमाम विदेशी विलय और अधिग्रहण के लिए भारत के एंटीट्रस्ट कानून के तहत मंजूरी लेनी पड़े। ये पीएम मोदी सरकार का एक महत्वाकांक्षी कदम है। इस कदम के जरिए भारत भी चीन और यूरोप की तरह तमाम ग्लोबल टेक कंपनियों पर अपना असर कायम कर पाएगा।
