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आर्थिक सुस्ती दूर करने के लिए FPI से इनकम टैक्स सरचार्ज हटा सकती है सरकार

2019-20 के बजट में सरकार ने 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपए तक की टैक्सेबल आमदनी पर इनकम टैक्स सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 23, 2019 पर 5:02 PM
आर्थिक सुस्ती दूर करने के लिए FPI से इनकम टैक्स सरचार्ज हटा सकती है सरकार

इस साल 5 जुलाई को बजट में निर्मला सीतारमण ने जब फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) पर इनकम टैक्स सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव रखा तो उसका सबसे बुरा असर शेयर बाजार पर पड़ा। तब से अब तक शेयर मार्केट में लगातार गिरावट आ रही है। इसके साथ ही कमजोर घरेलू अर्थव्यवस्था और अमेरिका-चीन के ट्रेडवॉर से हालात और खराब हो गए। ऐसे में अब फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण FPI पर से प्रस्तावित सरचार्ज हटाने का फैसला कर सकती हैं।

मिंट ने ब्लूमबर्ग के हवाले से लिखा है कि नाम न बताने की शर्त पर एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। शुक्रवार सुबह यह खबर आने के बाद बाजार काफी संभला है। ब्लूमबर्ग ने कहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इकोनॉमिक स्लोडाउन से निपटने के लिए पैकेज देने की तैयारी कर रही है। सरकार के कई दूसरे प्रपोजल के साथ FPI से इनकम टैक्स सरचार्ज हटाने का भी प्रस्ताव है।

FPI पर इनकम टैक्स सरचार्ज लगाने के ऐलान से अब तक शेयर बाजार 10 फीसदी तक गिर चुका है। पिछले दो महीनों में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में 3 अरब डॉलर की बिकवाली की है।

क्या था बजट में प्रस्ताव?

2019-20 के बजट में सरकार ने 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपए तक की टैक्सेबल आमदनी पर इनकम टैक्स सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया। वहीं, 5 करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्सेबल आमदनी पर इनकम टैक्स सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 37 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया था।   

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