इस साल जून में GST कलेक्शन की ग्रोथ बेहद मजबूत रही है। जून 2022 में ग्रॉस GST कलेक्शन 1.44 लाख करोड़ रुपए रहा है। यह साल-दर-साल के मुकाबले 56% ज्यादा है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब GST से होने वाली आमदनी 1.40 लाख करोड़ रुपए से ऊपर बनी रहेगी। मई 2022 में GST कलेक्शन 1,40,885 करोड़ रुपए था, तब यह साल-दर-साल आधार पर 44% बढ़ा था
शुक्रवार को जारी एक अन्य डेटा के मुताबिक, जून में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में थोड़ी सुस्ती आई है। S&P Global India Manufacturing Purchasing Manager's Index (PMI) से इसका संकेत मिला है। यह इंडेक्स जून में थोड़ा गिरकर 53.9 पर आ गया। मई में यह 54.6 था।
हालांकि, PMI 50 के ऊपर बने रहने का मतलब एक्टिविटी में एक्सपैंशन है। इसके 50 से नीचे रहने पर एक्टिविटी में कॉन्ट्रैक्शन का संकेत मिलता है। अच्छी बात यह है कि PMI लगातार 12वीं बार 50 से ऊपर रहा है।
S&P Global ने कहा, "जून में इंडियन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रिकवरी जारी रही। डोमेस्टिक और इंटरनेशनल क्लाइंट की मजबूत मांग से ऐसा हुआ। हालांकि प्राइस पर बहुत दबाव की वजह से टोटल सेल्स और प्रोडक्शन की ग्रोथ थोड़ी कम रही।"
कोरोना की महामारी 2020 में शुरू होने के बाद इंडियन इकोनॉमी में गिरावट देखने को मिली थी। अब इकोनॉमी में रिकवरी आ रही है। RBI ने इस फाइनेंशियल ईयर में जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
प्रोडक्शन, फैक्ट्री ऑर्डर, पर्चेजेज स्टॉक और एंप्लॉयमेंट में कम वृद्धि की वजह से जून में मैन्युफैक्चरिंग PMI की ग्रोथ कम रही। उधर, केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इकोनॉमी में रिकवरी तो आ रही है, लेकिन अब भी इसके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा महंगाई है।