महाराष्ट्र में गुलियन बैरे सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। राज्य के सोलापुर में GBS के 9 नए मरीज सामने आए हैं। ऐसे में राज्य में GBS के मरीजों की संख्या बढ़कर 117 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन मरीजों में 73 पुरुष और 37 महिलाएं शामिल हैं। इसमें 17 मरीज वेटिंलेटर सपोर्ट पर हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के सोलापुर में गुलियन बैरे सिंड्रोम (GBS) की बीमारी से एक मरीज की मौत की खबर सामन आई थी। यह इस बीमारी से होने वाली पहली मौत है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित शख्स को इन्फेक्शन पुणे में हुआ था। इसके बाद उसने सोलापुर की यात्रा की थी। पुणे में GBS के 17 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। पुणे कलस्टर में 9 जनवरी को हॉस्पिटल में एडमिट मरीज को GBS पॉजिटिव पाया गया था। भारत में यह इस बीमारी का पहला केस था।
क्या है गुलियन-बैरे सिंड्रोम?
गुलियन बैरे सिंड्रोम (Guillain Barre Syndrome) या GBS एक डिसऑर्डर है, जो वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है। इसमें नसें और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। आमतौर पर जीबीएस बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण से होता है। इससे रोगियों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। जानकारों का कहना है कि ऐसी बीमारी लाखों में किसी एक को होती है। हालांकि, लगातार इस बीमारी के मामले सामने आने से डॉक्टर भी हैरान हो गए हैं। ये एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। अगर समय रहते GBS की जांच कर इलाज किया जाए तो मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
कुछ जानकारों का कहना है कि बीमारी की शुरुआत में ज्यादातर मामलों में हाथ और पैर सुन्न हो सकते हैं। कई बार इस बीमारी से संक्रमित मरीज के हाथ और पैर में झुनझुनी भी हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में हार्ट बीट अचानक बढ़ जाती है। कुछ लोगों को बुखार भी आ जाता है। कुछ लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ होती है।