Heavy Rains in Gujarat: गुजरात के कई हिस्सों में सोमवार (26 अगस्त) को भारी बारिश हुई। इससे निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। गुजरात में असाधारण रूप से भारी बारिश के कारण मंगलवार (27 अगस्त) को राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे शहरों में भयंकर जलभराव हो गया। वहीं, बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि सात अन्य लापता हो गए। सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। IMD के मुताबिक, गुजरात के कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, पोरबंदर और राजकोट जैसे जिलों में तेज हवा और गरज के साथ भारी बारिश की आशंका है। जबकि अन्य जिलों में हल्की गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। IMD ने मंगलवार को बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए 'रेड अलर्ट' जारी किया। बाढ़ जैसे हालात होने के बाद स्कूल-कॉलेज बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
राज्य के मुख्य सचिव राज कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने और सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तैनात करने के लिए एक बैठक बुलाई। सभी प्राथमिक विद्यालयों को मंगलवार (27 अगस्त) को बंद रखने के लिए कहा गया। जबकि अन्य स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों को मौसम की स्थिति की समीक्षा करने के बाद निर्णय लेने के लिए कहा गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए सभी प्रमुख शहरों के जिला कलेक्टर, SP और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की। मोरबी जिले के हलवद तालुका में एक पुल से गुजरते समय एक ट्रॉली ट्रैक्टर के बह जाने से सात लोग लापता हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा मोचन बल के लगभग 20 घंटे के तलाशी अभियान के बावजूद उनका पता नहीं चल सका।
साबरकांठा जिले में कटवाड़ गांव के पास एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई, जिसमें दो लोग सवार थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल कर्मियों ने उन्हें बचा लिया। भारी बारिश के बीच छोटा उदयपुर जिले में भारज नदी में पानी के तेज बहाव के कारण नेशनल हाईवे 56 पर एक पुल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
वडोदरा, आणंद, खेड़ा और पंचमहल जिलों में सोमवार को बहुत भारी बारिश हुई। इससे निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव हो गया और कई लोग फंस गए। दक्षिण गुजरात में इस मौसम की औसत वार्षिक वर्षा की 105 प्रतिशत और कच्छ में 95.8 फीसदी बारिश हो चुकी है। जबकि मध्य, उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र में क्रमशः 77 प्रतिशत, 70.74 फीसदी और 91 प्रतिशत बारिश हुई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, आनंद में बोरसाद तालुका में 268 मिमी बारिश हुई। इसके बाद वडोदरा जिले के वडोदरा तालुका में 262 मिमी और खेड़ा जिले की नाडियाड तालुका में 232 मिमी बारिश हुई।
पूर्वी राजस्थान से सौराष्ट्र क्षेत्र की ओर बढ़ रहे गहरे दबाव के कारण गुजरात में 29 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने गुजरात को 'अचानक बाढ़ जोखिम' वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है।